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Kurukshetra News: बीड़ कालवा में सुविधाओं की कमी से जूझ रहे खिलाड़ी
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कुरुक्षेत्र। हॉल का टूटा गेट और प्रवेश द्वार की टूटी सीढि़यां। संवाद
- फोटो : महामंकोल परिसर में कंबल के साथ छात्र।
बाबैन। राजीव गांधी खेल स्टेडियम बीड़ कालवा की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। स्टेडियम की दीवारें टूटी हुई हैं, गेटों पर जंग लग चुका है और उबड़-खाबड़ ट्रैक और मैदान में फैली झाड़ियां इसकी दुर्दशा का सबूत देती हैं। हॉल के गेट और खिड़कियों के टूटे होने के कारण स्टेडियम में सुरक्षा और सुविधा दोनों का अभाव है। स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर की सीढ़ियां भी टूटी हुई हैं और गोलपोस्ट के नेट भी फटे हुए हैं। परिसर की हालत पूरी तरह जर्जर है।
एक समय था जब यहां एथलेटिक्स व अन्य खेल प्रतियोगिताओं में गांव के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे लेकिन अब स्थिति यह है कि मैदान में घास और झाड़ियां उग आई हैं। दर्शक दीर्घा व कमरों के शीशे टूटे पड़े हैं। रात के समय पूरे स्टेडियम परिसर में अंधेरा छा जाता है, क्योंकि सभी लाइटें लंबे समय से खराब हैं। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी असुरक्षा की स्थिति बन जाती है। बीड़ कालवा में एक नर्सरी भी संचालित है जिसमें अलसुबह और देर शाम तक अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खिलाड़ियों को न तो स्वच्छ वातावरण मिल पा रहा है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था।
बारिश के दिनों में मैदान में पानी भरने से खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाती हैं जिससे युवाओं का उत्साह धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। युवाओं और खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशासन को स्टेडियम की इस गंभीर स्थिति पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। यदि स्टेडियम की मरम्मत जल्द की जाए तो यहां के खिलाड़ी फिर से खेलों की ओर प्रेरित होंगे और क्षेत्र का नाम रोशन कर पाएंगे।
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एक समय था जब यहां एथलेटिक्स व अन्य खेल प्रतियोगिताओं में गांव के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे लेकिन अब स्थिति यह है कि मैदान में घास और झाड़ियां उग आई हैं। दर्शक दीर्घा व कमरों के शीशे टूटे पड़े हैं। रात के समय पूरे स्टेडियम परिसर में अंधेरा छा जाता है, क्योंकि सभी लाइटें लंबे समय से खराब हैं। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी असुरक्षा की स्थिति बन जाती है। बीड़ कालवा में एक नर्सरी भी संचालित है जिसमें अलसुबह और देर शाम तक अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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खिलाड़ियों को न तो स्वच्छ वातावरण मिल पा रहा है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था।
बारिश के दिनों में मैदान में पानी भरने से खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाती हैं जिससे युवाओं का उत्साह धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। युवाओं और खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशासन को स्टेडियम की इस गंभीर स्थिति पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। यदि स्टेडियम की मरम्मत जल्द की जाए तो यहां के खिलाड़ी फिर से खेलों की ओर प्रेरित होंगे और क्षेत्र का नाम रोशन कर पाएंगे।

कुरुक्षेत्र। हॉल का टूटा गेट और प्रवेश द्वार की टूटी सीढि़यां। संवाद- फोटो : महामंकोल परिसर में कंबल के साथ छात्र।
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