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Kurukshetra News: स्वास्थ्य सुविधाओं का आधार फार्मासिस्ट, फिर भी मुख्य फार्मेसी अधिकारी के सभी 36 पद पड़े रिक्त
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कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
कुरुक्षेत्र। प्रदेशभर के चिकित्सा संस्थानों में वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी के 36 पद स्वीकृत हैं और सभी पद रिक्त पड़े हैं। सिविल सर्जन कार्यालय में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के 22 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 18 पद खाली पड़े हैं। वीरवार को सभी चिकित्सक संस्थानों में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाएगा लेकिन फार्मेसी अधिकारियों के पद खाली होने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिले में फार्मासिस्ट के 45 में से 11 पद रिक्त हैं। इसके अलावा प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 1096 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 453 पद खाली पड़े हैं।
चिकित्सकों की ओर से लिखी गई दवा को कब और कैसे लेना है यह तमाम जानकारी फार्मासिस्ट ही उपलब्ध कराते हैं लेकिन इन दिनों सरकारी अस्पतालों में यह कड़ी कमजोर हो गई है। कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट की जगह डिस्पेंसरी में स्टाफ नर्सें मरीजों को दवा दे रही हैं। कई बार मरीजों को गलत दवा दिए जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। दवा की स्टीक जानकारी फार्मासिस्ट को होती है।
जिले में रोजाना सात हजार मरीज पहुंच रहे अस्पताल
जिलेभर के 31 सरकारी अस्पतालों में रोजाना दवा लेने के लिए करीब सात हजार मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन इन्हें दवा देने के लिए महज 33 फार्मास्टि हैं। इनमें से भी करीब 10 फार्मासिस्ट डिस्पेंसरी की जगह अन्य जगहों पर ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में करीब 23 फार्मासिस्ट के भरोसे ही सात हजार मरीज हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही इन दिनों रोजाना 1300 से 1400 मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं।
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यहां रिक्त पड़े पद
रिक्त पद स्वास्थ्य केंद्र
1 किरमिच
1 धुराला
1 रामगढ़ रोड
1 लाडवा
2 बाबैन
2 बारना
3 शाहाबाद
अधिकारियों को करवा चुके अवगत : राजीव
एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मेसी ऑफ हरियाणा के जिला प्रधान राजीव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के अधिकतर पद खाली पड़े हैं। इसे लेकर अधिकारियों को मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री को भी पत्र लिख चुके हैं। फार्मेसी अधिकारियों के 40 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। यूनियन जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगी।
नियुक्ति के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि फार्मासिस्ट की रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जैसे ही सरकार की ओर से अगले आदेश होंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
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चिकित्सकों की ओर से लिखी गई दवा को कब और कैसे लेना है यह तमाम जानकारी फार्मासिस्ट ही उपलब्ध कराते हैं लेकिन इन दिनों सरकारी अस्पतालों में यह कड़ी कमजोर हो गई है। कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट की जगह डिस्पेंसरी में स्टाफ नर्सें मरीजों को दवा दे रही हैं। कई बार मरीजों को गलत दवा दिए जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। दवा की स्टीक जानकारी फार्मासिस्ट को होती है।
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जिले में रोजाना सात हजार मरीज पहुंच रहे अस्पताल
जिलेभर के 31 सरकारी अस्पतालों में रोजाना दवा लेने के लिए करीब सात हजार मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन इन्हें दवा देने के लिए महज 33 फार्मास्टि हैं। इनमें से भी करीब 10 फार्मासिस्ट डिस्पेंसरी की जगह अन्य जगहों पर ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में करीब 23 फार्मासिस्ट के भरोसे ही सात हजार मरीज हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही इन दिनों रोजाना 1300 से 1400 मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं।
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यहां रिक्त पड़े पद
रिक्त पद स्वास्थ्य केंद्र
1 किरमिच
1 धुराला
1 रामगढ़ रोड
1 लाडवा
2 बाबैन
2 बारना
3 शाहाबाद
अधिकारियों को करवा चुके अवगत : राजीव
एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मेसी ऑफ हरियाणा के जिला प्रधान राजीव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के अधिकतर पद खाली पड़े हैं। इसे लेकर अधिकारियों को मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री को भी पत्र लिख चुके हैं। फार्मेसी अधिकारियों के 40 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। यूनियन जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगी।
नियुक्ति के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि फार्मासिस्ट की रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जैसे ही सरकार की ओर से अगले आदेश होंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।