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गीता के उपदेशों में समाहित है शांति : राज्यपाल
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कुरुक्षेत्र। पंजाबी धर्मशाला के सभागार में विख्यात संत अवधूत गणपति सच्चिदानंद स्वामी द्वारा दाे दिवसीय संपूर्ण श्रीमद्भगवदगीता पारायण यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश सभी प्राणियों की एकता, निस्वार्थ भाव और भलाई के प्रति समर्पण के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने का संदेश देते हैं। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों में समानता और शांति का मार्ग समाहित है। इन उपदेशों को आज पूरी मानव जाति को धारण करने की जरूरत है।
धर्मनगरी की पावन धरा पर पहला अवसर रहा कि करीब 50 देशों से आए अप्रवासी भारतीयों ने श्रीमद्भगवदगीता के संपूर्ण 700 श्लोकों का पाठ किया। राज्यपाल ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर कुछ दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में वैश्विक गीता पाठ के श्लोकों का उच्चारण देश ही नहीं विदेशों में भी किया गया। इससे पूरे विश्व में उपदेशों के माध्यम से शांति का संदेश गया।
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उन्होंने कहा कि विश्व विख्यात संत अवधूत गणपति सच्चिदानंद स्वामी पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को एक मिशन के रूप में लेकर पूरी मानवता जाति तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पवित्र ग्रंथ गीता की शिक्षाएं, जो भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर महाभारत के दौरान अर्जुन को दी थी, मानवता की सेवा में गहन महत्व रखती हैं। क्योंकि व निस्वार्थ सेवा, कर्तव्य और करुणा के मूल्यों पर जोर देती है। गीता के उपदेश पूरी मानवता को कर्म करने का संदेश देते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में जन चेतना जागृत होगी और लोग समाज की सेवा के लिए आगे आएंगे। कार्यक्रम में मैसूर स्थित अवधूत दत्त पीठम के पीठाधीश्वर गणपति सच्चिदानंद जी के विश्वभर के पचास से अधिक देशों में फैले हुए भक्तों ने पहली बार भारत आकर कुरुक्षेत्र की पवित्र और दिव्य धरा पर श्रीमद्भगवदगीता के श्लोकों का पाठ किया।
स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि 2015 में तेनाली जिले में एक लाख से भी ज्यादा लोगों ने हनुमान चालीसा का समवेत पाठ कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में नाम दर्ज कराया था। इसी के साथ संगीत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विश्व के अलग-अलग देशों में कार्य करते रहते हैं। साल 2015 में ही सिडनी स्थित ओपेरा हाउस में स्वामी जी के म्यूजिक हीलिंग समारोह को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज कराया गया था।
अमेरिका में साल 2015 में लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक समवेत मंत्रोच्चार का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड भी स्वामी जी के टेक्सास स्थित कार्य सिद्धि हनुमान मंदिर के नाम ही दर्ज है।
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उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश सभी प्राणियों की एकता, निस्वार्थ भाव और भलाई के प्रति समर्पण के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने का संदेश देते हैं। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों में समानता और शांति का मार्ग समाहित है। इन उपदेशों को आज पूरी मानव जाति को धारण करने की जरूरत है।
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धर्मनगरी की पावन धरा पर पहला अवसर रहा कि करीब 50 देशों से आए अप्रवासी भारतीयों ने श्रीमद्भगवदगीता के संपूर्ण 700 श्लोकों का पाठ किया। राज्यपाल ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर कुछ दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में वैश्विक गीता पाठ के श्लोकों का उच्चारण देश ही नहीं विदेशों में भी किया गया। इससे पूरे विश्व में उपदेशों के माध्यम से शांति का संदेश गया।
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उन्होंने कहा कि विश्व विख्यात संत अवधूत गणपति सच्चिदानंद स्वामी पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को एक मिशन के रूप में लेकर पूरी मानवता जाति तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पवित्र ग्रंथ गीता की शिक्षाएं, जो भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर महाभारत के दौरान अर्जुन को दी थी, मानवता की सेवा में गहन महत्व रखती हैं। क्योंकि व निस्वार्थ सेवा, कर्तव्य और करुणा के मूल्यों पर जोर देती है। गीता के उपदेश पूरी मानवता को कर्म करने का संदेश देते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में जन चेतना जागृत होगी और लोग समाज की सेवा के लिए आगे आएंगे। कार्यक्रम में मैसूर स्थित अवधूत दत्त पीठम के पीठाधीश्वर गणपति सच्चिदानंद जी के विश्वभर के पचास से अधिक देशों में फैले हुए भक्तों ने पहली बार भारत आकर कुरुक्षेत्र की पवित्र और दिव्य धरा पर श्रीमद्भगवदगीता के श्लोकों का पाठ किया।
स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि 2015 में तेनाली जिले में एक लाख से भी ज्यादा लोगों ने हनुमान चालीसा का समवेत पाठ कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में नाम दर्ज कराया था। इसी के साथ संगीत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विश्व के अलग-अलग देशों में कार्य करते रहते हैं। साल 2015 में ही सिडनी स्थित ओपेरा हाउस में स्वामी जी के म्यूजिक हीलिंग समारोह को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज कराया गया था।
अमेरिका में साल 2015 में लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक समवेत मंत्रोच्चार का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड भी स्वामी जी के टेक्सास स्थित कार्य सिद्धि हनुमान मंदिर के नाम ही दर्ज है।

मेरठ-------बच्चा पार्क स्थित सेंट थॉमस चर्च में प्रार्थना सभा मे भाग लेते श्रद्वालु----नीटू- फोटो : वीडियो ग्रैब