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Kurukshetra News: दो महीनों से बिना वेतन के पढ़ा रहे पार्ट टाइम शिक्षक
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कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) में कार्यरत करीब 35 पार्ट टाइम शिक्षक पिछले दो महीने से अधिक समय से बिना वेतन पढ़ाने को मजबूर हैं। जुलाई माह से वर्कलोड असेसमेंट की फाइल डीन अकादमिक ऑफिस में लंबित पड़ी है जिसके चलते सैलरी बिल तैयार नहीं हो सका।
शिक्षकों का कहना है कि दशहरा निकल गया है और दिवाली जैसे बड़े त्योहार करीब हैं लेकिन उन्हें वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है। वहीं नियमित और कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों का वेतन समय पर जारी कर दिया गया है। पार्ट टाइम शिक्षकों ने इसे गंभीर भेदभाव बताते हुए कहा कि त्योहारी सीजन में परिवार चलाना और बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
संस्थान में नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी वर्कलोड फाइल की मंजूरी पर निर्भर है। फाइल अटकी होने के कारण कई कक्षाएं नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं। इससे शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि लंबे समय तक बिना वेतन काम करना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से पीड़ादायक है। आईआईएचएस ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के कई विभागों में भी वर्कलोड असेसमेंट फाइल के लंबित रहने से वेतन बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कई पार्ट टाइम शिक्षक प्रभावित हैं।
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डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है और इस पर काम जारी है। एक सप्ताह के भीतर फाइल को निपटाने का आश्वासन दिया गया है।
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शिक्षकों का कहना है कि दशहरा निकल गया है और दिवाली जैसे बड़े त्योहार करीब हैं लेकिन उन्हें वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है। वहीं नियमित और कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों का वेतन समय पर जारी कर दिया गया है। पार्ट टाइम शिक्षकों ने इसे गंभीर भेदभाव बताते हुए कहा कि त्योहारी सीजन में परिवार चलाना और बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
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संस्थान में नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी वर्कलोड फाइल की मंजूरी पर निर्भर है। फाइल अटकी होने के कारण कई कक्षाएं नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं। इससे शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि लंबे समय तक बिना वेतन काम करना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से पीड़ादायक है। आईआईएचएस ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के कई विभागों में भी वर्कलोड असेसमेंट फाइल के लंबित रहने से वेतन बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कई पार्ट टाइम शिक्षक प्रभावित हैं।
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डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है और इस पर काम जारी है। एक सप्ताह के भीतर फाइल को निपटाने का आश्वासन दिया गया है।

कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।