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Kurukshetra News: शिक्षा विभाग के पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारी आज सीएम आवास का करेंगे घेराव
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कुरुक्षेत्र। शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारियों ने सरकार से अपनी नियमित नियुक्ति (पक्का करने) की मांग के लिए एक बार फिर आवाज बुलंद की है। प्रदेश के 4900 कर्मचारी शनिवार को सीएम आवास का घेराव करेंगे। कर्मचारी पहले ताऊ देवीलाल पार्क से सीएम आवास तक रोष मार्च निकालेंगे।
इसके लिए कर्मचारियों शुक्रवार को रणनीति बनाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 15 से 20 वर्षों से लगातार सरकारी स्कूलों में सफाई कार्य कर रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। इस समस्या से वह पहले कई बार सरकार को अवगत करा चुके हैं। अब मजबूरन मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग है कि विभागीय नीतियों के तहत उन्हें पक्का किया जाए। आज भी उन्हें न्यूनतम वेतन और अस्थायी स्थिति में काम करना पड़ रहा है और जिन कर्मचारियों की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके परिवारों को भी आर्थिक सहायता व रोजगार दिया जाए।
कोषाध्यक्ष रोहित कुमार का कहना है कि जिन स्कूलों को आपस में मर्ज किया गया है, उनके सफाई कर्मचारियों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए ताकि कोई भी कर्मचारी बेरोजगार न हो। एसोसिएशन द्वारा इस समस्या से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मौलिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। राज्य प्रधान तेजराम का कहना है कि अगर मांगें पूरी न की गईं तो कर्मचारी कड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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इसके लिए कर्मचारियों शुक्रवार को रणनीति बनाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 15 से 20 वर्षों से लगातार सरकारी स्कूलों में सफाई कार्य कर रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। इस समस्या से वह पहले कई बार सरकार को अवगत करा चुके हैं। अब मजबूरन मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग है कि विभागीय नीतियों के तहत उन्हें पक्का किया जाए। आज भी उन्हें न्यूनतम वेतन और अस्थायी स्थिति में काम करना पड़ रहा है और जिन कर्मचारियों की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके परिवारों को भी आर्थिक सहायता व रोजगार दिया जाए।
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कोषाध्यक्ष रोहित कुमार का कहना है कि जिन स्कूलों को आपस में मर्ज किया गया है, उनके सफाई कर्मचारियों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए ताकि कोई भी कर्मचारी बेरोजगार न हो। एसोसिएशन द्वारा इस समस्या से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मौलिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। राज्य प्रधान तेजराम का कहना है कि अगर मांगें पूरी न की गईं तो कर्मचारी कड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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