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एनुअल चार्ज के विरोध में अभिभावकों का लघु सचिवालय में प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 02:13 AM IST
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parents peotest against annual charges
शहर के विभिन्न निजी स्कूलों द्वारा एनुअल चार्ज लेने के विरोध में बुधवार को अभिभावक लघु सचिवालय पर एकत्रित हुए और स्कूल संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि एनुअल चार्ज न भरने पर निजी स्कूल संचालक बच्चों को मोबाइल पर उनका नाम काटने की धमकी के मैसेज भेजकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई बच्चों को ऑनलाइन कक्षा से भी बाहर कर दिया जा रहा है।
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प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने कहा कि एक और तो कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे सभी के काम धंधे बुरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं, ऐसे में स्कूलों की ओर से एनुअल चार्ज की मांग की जा रही है, जोकि सरासर गलत है। अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मदद की गुहार लगाई और कहा कि सभी निजी स्कूल संस्था के नाम पर चलाए जा रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की लूट शिक्षा को धंधा बनाने का काम कर रही है। जिला प्रशासन इस पर तुरंत रोक लगाए और स्कूलों को निर्देश जारी करे। अभिभावक हरजीत सिंह ने कहा कि लॉकडाउन में दुकानदारी बंद हैं, यदि स्कूलों को एनुअल चार्ज देना ही हैं तो सरकार हमारी दुकान खुलवा दें, क्योंकि पैसे तो हमें अपनी दुकान से ही कमाने हैं और उसी से गुजारा चलना है। ऐसे में निजी स्कूल संचालकों द्वारा बच्चों व अभिभावकों को एनुअल चार्ज के नाम पर प्रताड़ित करना सरासर गलत है।
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एनुअल चार्ज के नाम पर नहीं कटेगा नाम: आश्री
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल संचालकों द्वारा एनुअल चार्ज के नाम पर किसी भी विद्यार्थी का नाम ऑनलाइन या ऑफलाइन नहीं काटा जा सकता। यदि किसी स्कूल द्वारा ऐसा किया जाता है तो शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश उन्होंने जारी कर दिए हैं और रही बात एनुअल चार्ज खत्म करने की इस बारे में फैसला प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के स्तर पर लिया जा सकता है। पिछले साल लॉकडाउन में कोर्ट और विभाग ने यह साफ किया था कि स्कूल संचालक ट्यूशन फीस के अलावा कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेंगे, लेकिन इस बार ऐसी कोई गाइडलाइन उन्हें या विभाग को जारी नहीं हुई। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को अभिभावकों की समस्याओं से अवगत करा दिया है।
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