फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Opposition to the installation of books of private publishers in private schools , Kurukshetra

प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने का विरोध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
Opposition to the installation of books of private publishers in private schools , Kurukshetra
जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते पैरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने के विरोध में सोमवार को पैरेंट्स एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2022-23 में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
एसोसिएशन के प्रधान जेपी सैनी व महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने संबंधी दिशा-निर्देश शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को पहले ही दिए जा चुके हैं। वहीं निजी स्कूल एफएफआरसी एवं उच्च न्यायालय के स्तर पर अपनी कानूनी लड़ाई हार चुके हैं। अब निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलने वाली। स्कूल यूनिफार्म, पुस्तकों एवं स्टेशनरी को लेकर भी हरियाणा सरकार पहले ही स्कूल शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन कर चुकी है।
विज्ञापन

पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा निदेशालय, हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार अब स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। जो भी निजी स्कूल इन आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसकी शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर से करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने बताया कि स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने संबंधी पत्र निजी स्कूलों को पहले ही जारी कर दिया गया है। उन्होंने मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी भरोसा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल फीस बढ़ाने के खिलाफ अभिभावकों में गहरा रोष
पेरेंट्स एसोसिएशन एवं सभी अभिभावकों में नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 में फीस वृद्धि के खिलाफ गहरा रोष है। एसोसिएशन के महासचिव मयंक बजाज ने बताया कि सरकार के नियमानुसार निजी स्कूल पिछले फार्म छह में दर्शाई गई फीस में 10.13 फीसदी की वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन निजी स्कूलों ने फीस 20 से 30 फीसदी बढ़ा दी है। इस संदर्भ में शीघ्र ही बैठक कर कड़ा निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed