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Kurukshetra News: मास्टर ऑफ सोशल वर्क प्रोग्राम की 50 सीटों पर दाखिला लेने का मौका
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कुरुक्षेत्र। प्रो. रमेश कुमार भारद्वाज।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 मई जारी है। सोशल वर्क विभाग में दो वर्षीय मास्टर ऑफ सोशल वर्क प्रोग्राम की 50 सीटों में लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसमें 15 जून तक इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि जो छात्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए सामाजिक कार्य विभाग एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है, जहां वे अपने जुनून को एक उद्देश्य में बदल सकते हैं। 1981 में स्थापित यह विभाग सामाजिक कार्य के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। विभाग का मुख्य कार्यक्रम, मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू), छात्रों को सामाजिक कार्य के बुनियादी सिद्धांतों की गहरी समझ देता है।
उन्होंने बताया कि दूसरे वर्ष में छात्र पांच खास क्षेत्रों में विशेषज्ञता चुन सकते हैं, जिनमें मानव संसाधन प्रबंधन व औद्योगिक संबंध, परिवार और बाल कल्याण, चिकित्सीय व मनोचिकित्सक सामाजिक कार्य, सामुदायिक विकास और अपराध शास्त्र व सुधार प्रशासन शामिल है। इस विभाग से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी मांग में रहते हैं। वे सरकारी विभागों जैसे महिला व बाल विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीण विकास विभाग में काम कर सकते हैं। इसी के साथ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, यूएनडीपी और कॉरपोरेट सीएसआर प्रोजेक्ट में भी सेवाएं दे सकते हैं।
शिक्षण, शोध और नीति निर्माण में रूचि रखने वालों के लिए भी अवसर
अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि जो छात्र शिक्षण, शोध और नीति निर्माण में रुचि रखते हैं, उनके लिए विभाग पीएचडी प्रोग्राम भी संचालित करता है। इसके माध्यम से कई शोधकर्ता आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभाग के पूर्व छात्र सामाजिक कार्यकर्ता, परामर्शदाता, मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना समन्वयक, और नीति शोधकर्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
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उन्होंने बताया कि दूसरे वर्ष में छात्र पांच खास क्षेत्रों में विशेषज्ञता चुन सकते हैं, जिनमें मानव संसाधन प्रबंधन व औद्योगिक संबंध, परिवार और बाल कल्याण, चिकित्सीय व मनोचिकित्सक सामाजिक कार्य, सामुदायिक विकास और अपराध शास्त्र व सुधार प्रशासन शामिल है। इस विभाग से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी मांग में रहते हैं। वे सरकारी विभागों जैसे महिला व बाल विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीण विकास विभाग में काम कर सकते हैं। इसी के साथ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, यूएनडीपी और कॉरपोरेट सीएसआर प्रोजेक्ट में भी सेवाएं दे सकते हैं।
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शिक्षण, शोध और नीति निर्माण में रूचि रखने वालों के लिए भी अवसर
अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि जो छात्र शिक्षण, शोध और नीति निर्माण में रुचि रखते हैं, उनके लिए विभाग पीएचडी प्रोग्राम भी संचालित करता है। इसके माध्यम से कई शोधकर्ता आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभाग के पूर्व छात्र सामाजिक कार्यकर्ता, परामर्शदाता, मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना समन्वयक, और नीति शोधकर्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

कुरुक्षेत्र। प्रो. रमेश कुमार भारद्वाज।
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