प्रदेश के पहले भरतमुनि रंगशाला और अंतरराष्ट्रीय नाट्य उत्सव का उद्घाटन
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की जनता को कला और संस्कारों से जोड़ने के लिए स्वर्ण जयंती वर्ष की शृंखला में हरियाणा के सभी 6500 गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। प्रदेश के लोक कलाकारों के लिए राज्य सरकार के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से विशेष योजना भी तैयार की जा रही है। इतना ही नहीं राज्य सरकार की नई फिल्म नीति के अंतर्गत देश-विदेशों में हरियाणवी फिल्मों को दिखाने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को देर शाम हरियाणा स्वर्ण जयंती के अवसर पर कला एवं सांस्कृतिक विभाग, हरियाणा कला परिषद एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश के पहले भरतमुनी रंगशाला एवं 19वें भारंगम अंतरराष्ट्रीय नाट्य उत्सव का उद्घाटन करने के उपरांत कलाकारों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा की सूचना, जन संपर्क एवं भाषा व कला एवं सांस्कृतिक विभाग की मंत्री कविता जैन, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डा. पवन सैनी, कला एवं सांस्कृतिक विभाग की प्रधान सचिव सुमिता मिश्रा, स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों के संयोजक राजीव शर्मा, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा, मैक के मुख्य सलाहकार महेश जोशी ने 6 करोड़ 91 लाख की लागत से बनी भरतमुनी रंगशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान मैक परिसर में लगाई आर्ट कार्यशालाओं की पेंटिंग को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित करने के उपरांत तैयार की पुस्तक का विमोचन भी किया।
सर्वश्रेष्ठ लेखकों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री मनोहर लाल, कैबिनेट मंत्री कविता जैन, राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डा. पवन सैनी व पीएस सुमिता मिश्रा ने सर्वश्रेष्ठ लेखकों शैलेंद्र, विवेक यादव, रामनिवास, मुकेश कुमार, उषा शर्मा, पारुल कौशिक, मोहित कुमार, राम सिंह आर्य, सुभाष शर्मा, अनिल कौशिक, अजय डागर को प्रशंसा पत्र व 11-11 हजार रुपये का चेक तथा धर्मपाल, विकास शर्मा, सीमा कांबोज, मनीष डागर, रविंद्र कुमार, रामेंद्र, सुरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश व राजीव को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
250 कलाकारों और आयोजकों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में देश-विदेश से पहुंचने वाले 250 कलाकारों को व आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि कला के उपासक भरतमुनी के नाम पर रंगशाला बनाने और युवाओं को प्रेरणा देने के लिए इस प्रकार का आयोजन करना एक सराहनीय कार्य है। कला और संस्कृति के कार्यक्रमों को कुरुक्षेत्र के अलावा प्रदेश के प्रत्येक गांव में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राचीन संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली प्राचीन सरस्वती के उद्गम स्थल और बंदा वीर बैरागी के गांव लौहगढ़ के क्षेत्र को एक पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा और लौहगढ़ में एक विशाल स्मारक भी बनाया जाएगा। इतना ही नहीं एक साल के अंदर सरस्वती नदी का जल फिर से प्रवाहित होगा। कला और संस्कृति के अलावा हरियाणा को खेल का हब बनाने के प्रयास किए जा रहे है। स्वर्ण जयंती वर्ष में सबसे अंतिम कार्यक्रम खेल महाकुंभ होगा। जहां पर देश के कोने-कोने से टीमें शिरकत करेंगी। हरियाणा के लोगों को प्रदेश के गौरव के साथ जोड़ने के लिए गांव-गांव में हरियाणवी संस्कृति की फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
कला एवं सांस्कृतिक विभाग की प्रधान सचिव सुमिता मिश्रा ने स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हरियाणा के पहले अंतरराष्ट्रीय उत्सव पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश का प्रत्येक कलाकार कला का एंबेसडर बनकर कार्य करेगा। इसके आयोजन में एनएसडी के प्रोफेसर अशोक का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि 9 दिन तक चलने वाले इस नाट्य उत्सव के साथ-साथ कार्यशाला का भी आयोजन जारी रहेगा। मौके पर उपायुक्त सुमेधा कटारिया, पुलिस अधीक्षक गर्ग, एडीसी धर्मवीर सिंह, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के एडीपीआर संवर्तक सिंह, एसडीएम नरेन्द्र पाल मलिक, रजिस्ट्रार डा. प्रवीण सैनी, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, भाजपा नेता जयभगवान शर्मा डीडी, स्वच्छता अभियान हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद, सांस्कृतिक अधिकारी शिव शर्मा आदि उपस्थित रहे।