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Kurukshetra News: मारकंडा नदी उफान पर, तटबंधों पर बढ़ी सतर्कता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 01:31 AM IST
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On the rise of Markanda river, increased vigilance on the embankments
इस्माईलाबाद। मारकंडा नदी का पानी ड्रेन में डालने के लिए खोले गया द्वार।
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। मारकंडा में बारिश के चलते बढ़ जलस्तर के बाद गांवों तक पानी पहुंच जाने पर सिंचाई विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। मारकंडा के तटबंधों की निगरानी के लिए 40 बेलदारों को फील्ड में उतारा है, जो पल-पल की सूचना उच्चाधिकारियों को दे रहे हैं। उधर, मारकंडा में तेज पानी को देख दो द्वार ड्रेन में खोलने पड़े ताकि खेतों की ओर पानी की मार कम हो सके।
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झांसा के गेज रीडर योगेश कुमार ने बताया कि इस समय मारकंडा नदी का जल स्तर 10 हजार क्यूसेक है। पानी का अधिक बहाव देखते हुए ही ड्रेन के दो द्वार खोले गए हैं। सिंचाई विभाग झांसा के एसडीओ राहुल सैनी का कहना है कि पहाड़ों में भारी बारिश होने के चलते मारकंडा में जलस्तर बढ़ गया था। ऐसे में खतरे को भांपते हुए हर तटबंध की निगरानी की जा रही है। अब कालाअंब से मारकंडा का जलस्तर और भी कम होने का पता चल रहा है, जिसके चलते किसानों को घबराने की जरूरत नही है। विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है।
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दर्जनों गांवों की फसलें हो चुकी हैं तबाह
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों के किसानों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। क्षेत्र के गांव जलवेहड़ा, मडाडो, जोधपुर, जंधेडी, बालापुर, कलावड़, दानीपुर, जखवाला, तंगौली सहित कई गांवों के खेतों में जलभराव हो गया। जलभराव होने से इन गांवों के किसानों की फसलें डूबकर पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों के सामने एक बार फिर जीवन यापन करने के लिए संकट खड़ा हो गया है। बता दें कि मारकंडा नदी में 26 हजार क्यूसेक पानी पहुंच चुका था। मारकंडा का जलस्तर अब इस्माईलाबाद क्षेत्र में करीब 10 हजार क्यूसेक तक रह गया, लेकिन नदी के पानी से नैसी, जलवेहड़ा, मडाडो, जोधपुर, जंधेडी, बालापुर, कलावड़, दानीपुर, जखवाला, तंगौली आदि गांवों की फसलें तबाह कर दी हैं। किसानों ने पहले आई बाढ़ में फसलें खराब होने के बाद फिर से धान की रोपाई की थी, लेकिन अब फिर ये फसलें बचने की कोई उम्मीद नहीं जताई जा रही। इससे किसान बेहद चिंतित है तो वहीं यह पानी कब सामान्य होगा, अभी कहना आसान नहीं।

इस्माईलाबाद। मारकंडा नदी का पानी ड्रेन में डालने के लिए खोले गया द्वार।

इस्माईलाबाद। मारकंडा नदी का पानी ड्रेन में डालने के लिए खोले गया द्वार।

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