लाडवा। बाबा बंसीवाला वृद्धाश्रम और अन्नक्षेत्र में श्रीराम कथा के पांचवें दिन मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के बाल चरित्र, नामकरण संस्कार और सीता स्वयंवर व विवाह उत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। सिहोर मध्यप्रदेश से पधारे कथावाचक पंडित अनिल पाराशर ने कहा कि राजा दशरथ के कुलगुरु वशिष्ठ जी की ओर से श्रीराम और उनके भाइयों का नामकरण संस्कार किया गया।
पाराशर ने चारों भाइयों के नाम व नामकरण संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। भगवान राम और भाइयों की बाल लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। कथा प्रसंग में सीता स्वयंवर और शिव धनुष भंग होने पर परशुराम-लक्ष्मण संवाद सुनाया। मुख्य अतिथि राकेश गोयल, विशिष्ट अतिथि दुर्गेश गोयल, विशाल गर्ग ने व्यासपीठ की आरती की। कथा समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। प्रधान सुनील गर्ग, भाजपा मंडलाध्यक्ष शिव गुप्ता, केबीएस स्कूल के निदेशक सुभाष जिंदल ने आरती की। इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान विजेंद्र गोयल, कृष्णा गोयल, मुकेश गर्ग, विनय गर्ग सहित पवन गोयल, विकास सिंघल, अनुज गोयल, सुरेश कंसल, मदन गोयल, संजय सिंघल, राजकुमार सैनी, कुंवर सिंघल, अशोक मित्तल, हरिंद्र सिंघल, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल और देशराज मंगला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

लाडवा। बाबा बंसीवाला वृद्धाश्रम में कथा श्रवण करते श्रद्धालु। संवाद