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एमएलआर काटने को लेकर अस्पताल में बवाल
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:58 PM IST
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मामले की जानकारी देता गांव का सरपंच
- फोटो : am
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सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर गांव थांदडों के कुछ लोगों ने मिलीभगत कर झूठी एमएलआर काटने का आरोप लगाया है। थांदडो निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार रात्रि उसके परिवार का पड़ोसियों के साथ पेयजल भरने को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसमें उसे व उसकी माता को चोटें आई। वे रात्रि के समय ही घायल अवस्था में अस्पताल में इलाज के लिए आए तो उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। वहां मौजूद नर्स मनजीत कौर ने उनकी मरहम पट्टी करके कहा कि इसकी एमएलआर सुबह डॉक्टर आने के बाद लिखी जाएगी। बुधवार सुबह जब वे अस्पताल में आए तो वहां मौजूद डॉक्टर सिमरनदीप सिंह एमएलआर लिखने में आनाकानी करता रहा। बार-बार पूछने पर भी डॉक्टर मेडिकल करने से मना करता रहा तथा 12 बजे दूसरे गुट के लोगों के आने पर उनका मेडिकल तो कर दिया और उन्हें एक साइड में बैठाकर मेडिकल करने में आनाकानी करते रहे। सूचना मिलने पर गांव के सरपंच सुरजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे तो उनके कहने पर करीब 3 बजे के बाद उनकी एमएलआर काटी गई। उन्होंने डाक्टर पर आरोप लगाया कि उन्होंने मिलीभगत कर दूसरे गुट की पहले झूठी एमएलआर काट दी। इसको लेकर वे गांव के सरपंच सुरजीत सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के स्वास्थ मंत्री अनिल विज से भी मिलेंगे।
वहां मौजूद मरीज कैंथला वासी सुखदेव सिंह ने बताया कि वह सुबह से अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया था। सुबह से ही थांदडों से कुछ लोग एमएलआर कटवाने के लिए बार-बार डॉक्टर से गुुहार लगा रहे थे, लेकिन डॉक्टर उन्हें सख्ती से पेश आकर उन्हें एक साइड में बैठने के लिए कहता रहा।
ये कहते हैं थांदडो के सरपंच
सरपंच सुरजीत सिंह ने कहा कि डॉक्टर रणजीत व उसकी माता का मेडिकल करने में आनाकानी करते रहे। जब दूसरा गुट 12 बजे आया तो उनका मेडिकल पहले कर दिया तथा रणजीत सिंह सुबह 9 बजे अस्पताल में आया हुआ था। इससे यह साबित होता है कि डॉक्टर ने इन्हें जानबूझ कर अटकाए रखा। उन्होंने 3 बजे अस्पताल में आकर घायलों का मेडिकल कराया।
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ये कहते हैं डॉक्टर
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सिमरनदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी के साथ कोई मिलीभगत नहीं की है। उनको जैसे अस्पताल के स्टाफ ने लिस्ट दी, उसी के हिसाब से एमएलआर काट दी। उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने बताया कि रात को ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उन्हें मरीजों के बारे में कोई सूचना नहीं दी।
स्टाफ नर्स का ये है कहना
स्टाफ नर्स मनजीत कौर ने माना कि रात्रि के समय गांव थांदडो से रणजीत व उसकी माता घायल अवस्था में दवाई लेने आए थे। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देकर सुबह एमएलआर दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। रात्रि में अस्पताल में दो डिलीवरी केस होने की वजह से व्यस्त हो गई थी, लेकिन उसने घायल मरीजों की रजिस्टनर में एंट्री दर्ज कर दी थी। जो रजिस्टर सुबह डॉेक्टर के पास चला जाता है।
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वहां मौजूद मरीज कैंथला वासी सुखदेव सिंह ने बताया कि वह सुबह से अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया था। सुबह से ही थांदडों से कुछ लोग एमएलआर कटवाने के लिए बार-बार डॉक्टर से गुुहार लगा रहे थे, लेकिन डॉक्टर उन्हें सख्ती से पेश आकर उन्हें एक साइड में बैठने के लिए कहता रहा।
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ये कहते हैं थांदडो के सरपंच
सरपंच सुरजीत सिंह ने कहा कि डॉक्टर रणजीत व उसकी माता का मेडिकल करने में आनाकानी करते रहे। जब दूसरा गुट 12 बजे आया तो उनका मेडिकल पहले कर दिया तथा रणजीत सिंह सुबह 9 बजे अस्पताल में आया हुआ था। इससे यह साबित होता है कि डॉक्टर ने इन्हें जानबूझ कर अटकाए रखा। उन्होंने 3 बजे अस्पताल में आकर घायलों का मेडिकल कराया।
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ये कहते हैं डॉक्टर
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सिमरनदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी के साथ कोई मिलीभगत नहीं की है। उनको जैसे अस्पताल के स्टाफ ने लिस्ट दी, उसी के हिसाब से एमएलआर काट दी। उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने बताया कि रात को ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उन्हें मरीजों के बारे में कोई सूचना नहीं दी।
स्टाफ नर्स का ये है कहना
स्टाफ नर्स मनजीत कौर ने माना कि रात्रि के समय गांव थांदडो से रणजीत व उसकी माता घायल अवस्था में दवाई लेने आए थे। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देकर सुबह एमएलआर दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। रात्रि में अस्पताल में दो डिलीवरी केस होने की वजह से व्यस्त हो गई थी, लेकिन उसने घायल मरीजों की रजिस्टनर में एंट्री दर्ज कर दी थी। जो रजिस्टर सुबह डॉेक्टर के पास चला जाता है।