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Kurukshetra News: पुरानी पेंशन हो बहाल, पाचार्य पदों पर की जाए पदोन्नति
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा से मुलाकात की। जिला प्रधान डॉ. तरसेम कौशिक और जिला चेयरमैन सतबीर कौशिक ने नेतृत्व किया। उन्होंने प्राध्यापकों की 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग में कार्यरत प्राध्यापकों की सेवा, प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई।
डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग की है। पीजीटी के स्थान पर लेक्चरर पदनाम की राजपत्र अधिसूचना जारी करने को कहा है। प्राचार्य पदों पर 100 फीसदी पदोन्नति प्राध्यापक वर्ग से करने की मांग है। लंबित ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने और कन्फर्मेशन सूची जारी करने की भी मांग की गई। चाइल्ड केयर लीव की प्रक्रिया सरल बनाने की बात कही गई। कॉलेज कैडर में पदोन्नति के अवसर देने की भी मांग है। एचसीएस विभागीय परीक्षा में आवेदन की अनुमति और गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की भी मांग रखी गई। एचआरए में संशोधन, ग्रेड पे बढ़ाने और सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने सहित कुल 16 मांगें रखी गईं।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही हसला प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने का प्रयास करेंगे। इससे इन मांगों पर विस्तार से चर्चा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों की अधिकांश मांगें न्यायोचित हैं। उनके समाधान के लिए वह मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से पैरवी करेंगे। इस मौके पर जयप्रकाश गागट, राजेंद्र कुमार, नरेश शर्मा, डॉ. रविदत्त, अरविंद कुमार, संदीप फोगाट, डॉ. रामशरण, अलीशेर, रामेश्वर दास और संजीव जिंदल सहित हसला के पदाधिकारी मौजूद रहे। हसला ने ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, प्राचार्य पदों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति, लंबित ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने, चाइल्ड केयर लीव की प्रक्रिया सरल बनाने, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, ग्रेड पे बढ़ाने, एचआरए में संशोधन और सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने सहित 16 सूत्रीय मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
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डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग की है। पीजीटी के स्थान पर लेक्चरर पदनाम की राजपत्र अधिसूचना जारी करने को कहा है। प्राचार्य पदों पर 100 फीसदी पदोन्नति प्राध्यापक वर्ग से करने की मांग है। लंबित ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने और कन्फर्मेशन सूची जारी करने की भी मांग की गई। चाइल्ड केयर लीव की प्रक्रिया सरल बनाने की बात कही गई। कॉलेज कैडर में पदोन्नति के अवसर देने की भी मांग है। एचसीएस विभागीय परीक्षा में आवेदन की अनुमति और गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की भी मांग रखी गई। एचआरए में संशोधन, ग्रेड पे बढ़ाने और सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने सहित कुल 16 मांगें रखी गईं।
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पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही हसला प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने का प्रयास करेंगे। इससे इन मांगों पर विस्तार से चर्चा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों की अधिकांश मांगें न्यायोचित हैं। उनके समाधान के लिए वह मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से पैरवी करेंगे। इस मौके पर जयप्रकाश गागट, राजेंद्र कुमार, नरेश शर्मा, डॉ. रविदत्त, अरविंद कुमार, संदीप फोगाट, डॉ. रामशरण, अलीशेर, रामेश्वर दास और संजीव जिंदल सहित हसला के पदाधिकारी मौजूद रहे। हसला ने ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, प्राचार्य पदों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति, लंबित ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने, चाइल्ड केयर लीव की प्रक्रिया सरल बनाने, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, ग्रेड पे बढ़ाने, एचआरए में संशोधन और सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने सहित 16 सूत्रीय मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
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