{"_id":"604676b08ebc3ed4c3762624","slug":"old-man-died-due-to-corona-18-new-cases-found-kurukshetra-news-knl635378130","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्ग की कोरोना से मौत, 18 नए केस आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्ग की कोरोना से मौत, 18 नए केस आए
विज्ञापन
शहर में कोरोना ने फिर से अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही खतरा अधिक गहरा गया है।
इस माह में दो संक्रमितों की मौत के साथ पॉजिटिव केसों का आंकड़ा 9 हजार 351 पहुंच चुका है। वहीं कुल 136 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। सोमवार को भी 18 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं और शाहाबाद वासी 67 वर्षीय महिला की मौत हो गई। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कुरुक्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 2 लाख 33 हजार 308 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 2 लाख 22 हजार 193 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कुरुक्षेत्र का रिकवरी रेट दो प्रतिशत तक गिरकर 96.65 तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा नगर गामड़ी, पिहोवा, बाबैन और शाहाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा संक्रमितों की मौत हुई है। आंकड़ों के अनुसार एक से 18 वर्ष तक के संक्रमित मृतकों की दर एक प्रतिशत, 19 से 45 वर्ष तक 13 प्रतिशत, 46 से 55 वर्ष तक के 10 प्रतिशत और 55 से अधिक आयु वाले संक्रमित मरीजों की दर 76 प्रतिशत तक दर्ज की गई। वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र पर आधारित आंकड़ों की बात करें तो 60 प्रतिशत शहरी और 40 प्रतिशत ग्रामीणों की मौत हुई है, जिनमें 43 प्रतिशत महिलाएं और 57 प्रतिशत पुरुष मरीज शामिल हैं। कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस से मृत्यु दर 1.47 प्रतिशत है।
55 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर वीना देवी ने बताया कि कुरुक्षेत्र में कोरोना की दस्तक से पहले ही पीएचसी ठोल से डेपुटेशन पर आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी लगी थी। 6 अप्रैल को उनकी पुत्रवधु ने बेटे को जन्म दिया था। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से मन में भय था, लेकिन बच्चों की सुरक्षा देखते हुए खुद को उनसे दूरी बनाकर रखी और भगवान को याद करके अपना कर्तव्य का निर्वाह किया।
विज्ञापन
स्टाफ नर्स नीरज का कहना है कि सितंबर 2020 से कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा करने का मौका मिला। उस वक्त भी आइसोलेशन वार्ड में लगातार सेवाएं देकर कोरोना संक्रमण का डटकर मुकाबला किया और अभी भी करेंगे। मरीजों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है।
स्टाफ नर्स शरणजीत ने कहा कि ड्यूटी के दौरान सावधानी बरतकर बच्चों के साथ अन्य परिजनों को भी सुरक्षित रखा। ड्यूटी के बाद जब भी वह घर जाती थी तो अढ़ाई साल का बेटा अमनदीप और पांच साल की बेटी जैयसमिन दौड़कर आती थी, लेकिन उनसे दूरी बनाकर रखी। अब फिर दोबारा कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा है। इस बार भी कोरोना का डटकर मुकाबला करेंगे।
स्टाफ नर्स आशा रानी ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों को परिवार के सदस्य समझ उपचार दिया। डॉक्टरों की सलाह अनुसार समय पर मरीजों को दवा दी। अस्पताल में रहकर मरीज मानसिक रूप से परेशान भी हो जाते थे, लेकिन स्टाफ के सभी सदस्य मरीजों को मोटिवेट करते थे।
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना का बढ़ता प्रकोप देख स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। लगातार सैंपलिंग की जा रही है और जितने भी मरीज कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं, उन्हें तत्काल उपचार दिया जा रहा है। अब तक जिले में 136 मौत हुई हैं। अधिकतर मरीज बीपी, शुगर, किडनी, लिवर और कैंसर जैसी बीमारियां से पीड़ित थे। सबसे ज्यादा मौत सीएचसी पिहोवा, बाबैन और शाहाबाद में हुई है। विभाग ने इन क्षेत्रों पर विशेष तरह से फोकस रखने की योजना बनाई है।
विज्ञापन
इस माह में दो संक्रमितों की मौत के साथ पॉजिटिव केसों का आंकड़ा 9 हजार 351 पहुंच चुका है। वहीं कुल 136 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। सोमवार को भी 18 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं और शाहाबाद वासी 67 वर्षीय महिला की मौत हो गई। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कुरुक्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 2 लाख 33 हजार 308 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 2 लाख 22 हजार 193 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कुरुक्षेत्र का रिकवरी रेट दो प्रतिशत तक गिरकर 96.65 तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा नगर गामड़ी, पिहोवा, बाबैन और शाहाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा संक्रमितों की मौत हुई है। आंकड़ों के अनुसार एक से 18 वर्ष तक के संक्रमित मृतकों की दर एक प्रतिशत, 19 से 45 वर्ष तक 13 प्रतिशत, 46 से 55 वर्ष तक के 10 प्रतिशत और 55 से अधिक आयु वाले संक्रमित मरीजों की दर 76 प्रतिशत तक दर्ज की गई। वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र पर आधारित आंकड़ों की बात करें तो 60 प्रतिशत शहरी और 40 प्रतिशत ग्रामीणों की मौत हुई है, जिनमें 43 प्रतिशत महिलाएं और 57 प्रतिशत पुरुष मरीज शामिल हैं। कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस से मृत्यु दर 1.47 प्रतिशत है।
विज्ञापन
55 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर वीना देवी ने बताया कि कुरुक्षेत्र में कोरोना की दस्तक से पहले ही पीएचसी ठोल से डेपुटेशन पर आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी लगी थी। 6 अप्रैल को उनकी पुत्रवधु ने बेटे को जन्म दिया था। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से मन में भय था, लेकिन बच्चों की सुरक्षा देखते हुए खुद को उनसे दूरी बनाकर रखी और भगवान को याद करके अपना कर्तव्य का निर्वाह किया।
विज्ञापन
स्टाफ नर्स नीरज का कहना है कि सितंबर 2020 से कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा करने का मौका मिला। उस वक्त भी आइसोलेशन वार्ड में लगातार सेवाएं देकर कोरोना संक्रमण का डटकर मुकाबला किया और अभी भी करेंगे। मरीजों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है।
स्टाफ नर्स शरणजीत ने कहा कि ड्यूटी के दौरान सावधानी बरतकर बच्चों के साथ अन्य परिजनों को भी सुरक्षित रखा। ड्यूटी के बाद जब भी वह घर जाती थी तो अढ़ाई साल का बेटा अमनदीप और पांच साल की बेटी जैयसमिन दौड़कर आती थी, लेकिन उनसे दूरी बनाकर रखी। अब फिर दोबारा कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा है। इस बार भी कोरोना का डटकर मुकाबला करेंगे।
स्टाफ नर्स आशा रानी ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों को परिवार के सदस्य समझ उपचार दिया। डॉक्टरों की सलाह अनुसार समय पर मरीजों को दवा दी। अस्पताल में रहकर मरीज मानसिक रूप से परेशान भी हो जाते थे, लेकिन स्टाफ के सभी सदस्य मरीजों को मोटिवेट करते थे।
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना का बढ़ता प्रकोप देख स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। लगातार सैंपलिंग की जा रही है और जितने भी मरीज कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं, उन्हें तत्काल उपचार दिया जा रहा है। अब तक जिले में 136 मौत हुई हैं। अधिकतर मरीज बीपी, शुगर, किडनी, लिवर और कैंसर जैसी बीमारियां से पीड़ित थे। सबसे ज्यादा मौत सीएचसी पिहोवा, बाबैन और शाहाबाद में हुई है। विभाग ने इन क्षेत्रों पर विशेष तरह से फोकस रखने की योजना बनाई है।