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Kurukshetra News: जागे अधिकारी, फिर शुरू हुआ सड़कों को गोवंश मुक्त करने का अभियान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2024 02:50 AM IST
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Officials woke up, campaign to free roads from cattle started again
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में बेसहारा गोवंश गंभीर समस्या है, जिससे राहगीरों को ही नहीं आमजन को भी जूझना पड़ रहा है। लगातार हादसे बढ़ रहे हैं तो अब सर्दी के सीजन में कोहरा बढ़ने लगा तो और हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आए हैं, जिसके चलते सड़कों को फिर से पशुमुक्त किए जाने का अभियान शुरू किया गया है। नगर प्रशासन की ओर से शुरू किए अभियान का रविवार को तीसरा दिन था, जिस दौरान भी 15 गोवंश गोशालाओं तक पहुंचाए गए वहीं पिछले तीन दिन में करीब 60 गोवंश सड़कों से हटाए जा चुके हैं।
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अभी यह अभियान लगातार जारी रखे जाने के दावे किए जा रहे हैं। पशु पकड़ने का जिम्मा ले चुकी वाह फाउंडेशन के प्रतिनिधि एडवोकेट जसबीर सिंह का कहना है कि अब यह अभियान लगातार जारी रखा जाएगा। पहले गोशालाओं में जगह न मिलने के चलते अभियान करीब एक माह पहले रोकना पड़ा था। उस समय तक तक 200 से ज्यादा गोवंश गोशालाओं में पहुंचाए जा चुके थे। वर्तमान में भी शहर की सड़कों पर ही करीब 600 गोवंश माने जा रहे हैं।
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इन गोशालाओं में छोड़े जा रहे गोवंश
शहर से पकड़े जा रहे गोवंश को फिलहाल मथाना, अमीन, बारना, बाहरी व शेख चेहरी मकबरे के पास स्थित गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। रविवार को भी वाह फाउंडेशन की ओर से थीम पार्क, बिरला मंदिर चौक, पैनोरमा चौक आदि क्षेत्रों से गोवंश को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाया।
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ये हो चुके गंभीर हादसे
जहां पटेल नगर में गोवंश ने एक बुजुर्ग महिला को पटक-पटककर मार डाला था तो वहीं हाल ही में रामचंद्र कॉलोनी निवासी दंपत्ती को भी नरकातारी रोड पर बाइक पर जाते समय चपेट में ले लिया था। यही नहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से सेवानिवृत कर्मी को भी पिछले दिनों मेन बाजार के समीप ही गोवंश ने पटक दिया था तो वहीं वर्तमान में कांग्रेस नेता फतेहचंद गांधी भी गोवंश की चपेट में आने से हादसे का शिकार हुए थे। इसके साथ ही कई अन्य हादसे भी हो चुके हैं।




गोशाला संचालकों ने दी सहमति तो मिली राहत
नगर प्रशासन के अधिकारियों की चार दिन पहले सभी गोशाला संचालकों व अन्य संबंधित लोगों के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें गोशाला संचालकों ने अपनी समस्याएं रखीं तो अधिकारियों ने उनके निवारण करवाने का भरोसा दिया। इसके बाद गोशाला संचालकों ने गोशालाओं में और गोवंश छोड़े जाने पर सहमति जताई। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली तो वहीं अब गोवंश पकड़े जाने लगे तो लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। डीएमसी पंकज सेतिया का कहना है कि सड़कों को गोवंश मुक्त करने को लेकर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।
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