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शिवलिंग पर जल चढ़ाकर मांगी मन्नतें
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श्रावण मास की शिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालुओं ने शिवलिंग के दर्शन करके जल व दूध से अभिषेक किया। सुबह चार बजे से ही मंदिर के दर्शनों के लिए कतारें लगनी शुरू हो गई। भीड़ बढ़ती देख मंदिर प्रबंधन की ओर से दिव्यागों व बुजुर्गो के जल अभिषेक के लिए अलग से व्यवस्था की गई। हालांकि इस बार कोरोना महामारी के चलते कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगने के कारण कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरू और उनके मुख से निकलने वाले बम-बम भोले, ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव और हर-हर गंगे की मधुर ध्वनि सुनाई नहीं दी। कुछ कांवड़ियों ही स्थाणेश्वर, कालेश्वर, ब्रह्मसरोवर स्थित शिव मंदिर, दुख भंजन मंदिर, संगमेश्वर महादेव अरुणाय, वशिष्ठ प्राची, पशुपतिनाथ महादेव, आशुतोष महादेव, पृथ्वेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। संगमेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ पर नियंत्रण के लिए टोकन सिस्टम लागू रहा। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए पर्ची जारी की गई। अपना नंबर आने पर ही श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश करके भगवान शिव के दर्शन कर पाए। महंत विश्वनाथ गिरी ने कहा कि महंत रविंद्र पुरी की प्रेरणा से हर साल इस मेले का आयोजन किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव धरती पर विराजमान होते हैं। इसलिए जो श्रद्धालु सालभर भगवान की पूजा अचर्ना नहीं कर सकता। वह पूरे श्रावण मास में भगवान पर दूध, दही, बेलपत्र, गन्ने का रस आदि अर्पित कर पुण्य प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन पार्थेश्वर शिविलंग की पूजा करके बाद में उनको सरस्वती व अरुणा नदी के पवित्र संगम में जल विसर्जन किया जाता है। श्रावण मास के आखरी दिन इस पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन शोभायात्रा के साथ किया जाएगा। सेवादल के प्रबंधक भूषण गौतम ने बताया कि मेन द्वार से वाहनों को रोककर पार्किंग की तरफ मोड़ा गया। इस बार श्रद्धालुओं के लिए नई अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई। इसके अलावा संगमेश्वर सेवादल के लगभग तीन सौ सदस्य भी लगातार सेवा में तैनात रहे। इस मौके पर सेवादल के प्रधान महेश बत्रा, कोषाध्यक्ष जय नारायण शर्मा, उपप्रधान शंभू नाथ बिरदी, राज कश्यप, टेक चंद सिंगला, रमणीक सिंगला, अंशुल बंसल आदि मौजूद रहे।
शिव त्रयोदशी पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं की ओर से प्रसाद वितरित किया गया। गोरी शंकर सेवा दल ने छोले-चावल, हलवा व पकोड़े के प्रसाद का भोग लगाकर श्रद्घालुओं को वितरित किया। वहीं गांव घिसरपड़ी में युवाओं ने खीर का प्रसाद बनाकर भगवान शिव को खीर के प्रसाद का भोग लगाया। इस मौके पर जनक राज, गौरव, संदीप, निर्मल, गौरी नाथ, रोहित, कमल सहित अन्य मौजूद रहे।
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शिव त्रयोदशी पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं की ओर से प्रसाद वितरित किया गया। गोरी शंकर सेवा दल ने छोले-चावल, हलवा व पकोड़े के प्रसाद का भोग लगाकर श्रद्घालुओं को वितरित किया। वहीं गांव घिसरपड़ी में युवाओं ने खीर का प्रसाद बनाकर भगवान शिव को खीर के प्रसाद का भोग लगाया। इस मौके पर जनक राज, गौरव, संदीप, निर्मल, गौरी नाथ, रोहित, कमल सहित अन्य मौजूद रहे।
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