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समाजसेवा का प्रतीक है एनएसएस
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केयू में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा है कि दूसरों के लिए निस्वार्थ भावना से सेवा करना ही सच्ची सेवा है। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का ध्येय शिक्षा को सेवा के साथ जोड़ना है। राष्ट्रीय सेवा योजना गौरवशाली समाजसेवा का प्रतीक है। वे शनिवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि एनएसएस की स्थापना 1969 में हुई थी। यह केयू के लिए गर्व की बात है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उन 37 विश्वविद्यालयों में शामिल था, जिनमें सन 1969 में एनएसएस की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में समग्र शिक्षा प्रणाली द्वारा विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की बात कही गई है। एनईपी 2020 में विद्यार्थियों को मूल्यपरक शिक्षा प्रदान कर एवं उन्हें कौशलयुक्त बनाकर रोजगार युक्त करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है। यूजीसी के द्वारा दो क्रेडिट कोर्स के माध्यम से सामुदायिक सेवा में भागीदारी करना सुनिश्चित किया गया है।
इससे पहले कुलपति ने विभिन्न कॉलेजों के एनएसएस प्रोग्राम अधिकारियों की ओर से केयू के सामुदायिक केंद्र में लगाई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। कुलपति ने एनएसएस गतिविधियों के लिए आईआईएचएस सहित विभिन्न कॉलेजों को सर्टिफिकेट भी वितरित किए। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त डॉ. सीडीएस कौशल ने कहा कि गीता के निष्काम कर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम एनएसएस है। एनएसएस का उद्देश्य समाजसेवा के द्वारा सदैव सत्कार्य के पथ पर चलना है।
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केयू के एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. आनंद कुमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। संचालन आईआईएचएस के डॉ. रामचंद्र ने किया। विभिन्न कॉलेजों से आए स्वयंसेवकों एवं सेविकाओं ने कविता, डांस व गायन के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभागिता की। इस मौके पर प्रो. कुसुम लता, डॉ. मनीषा संधू, डॉ. अनिता गोदारा, डॉ. संतोष दुबे व सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। केयू कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा है कि दूसरों के लिए निस्वार्थ भावना से सेवा करना ही सच्ची सेवा है। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का ध्येय शिक्षा को सेवा के साथ जोड़ना है। राष्ट्रीय सेवा योजना गौरवशाली समाजसेवा का प्रतीक है। वे शनिवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि एनएसएस की स्थापना 1969 में हुई थी। यह केयू के लिए गर्व की बात है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उन 37 विश्वविद्यालयों में शामिल था, जिनमें सन 1969 में एनएसएस की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में समग्र शिक्षा प्रणाली द्वारा विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की बात कही गई है। एनईपी 2020 में विद्यार्थियों को मूल्यपरक शिक्षा प्रदान कर एवं उन्हें कौशलयुक्त बनाकर रोजगार युक्त करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है। यूजीसी के द्वारा दो क्रेडिट कोर्स के माध्यम से सामुदायिक सेवा में भागीदारी करना सुनिश्चित किया गया है।
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इससे पहले कुलपति ने विभिन्न कॉलेजों के एनएसएस प्रोग्राम अधिकारियों की ओर से केयू के सामुदायिक केंद्र में लगाई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। कुलपति ने एनएसएस गतिविधियों के लिए आईआईएचएस सहित विभिन्न कॉलेजों को सर्टिफिकेट भी वितरित किए। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त डॉ. सीडीएस कौशल ने कहा कि गीता के निष्काम कर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम एनएसएस है। एनएसएस का उद्देश्य समाजसेवा के द्वारा सदैव सत्कार्य के पथ पर चलना है।
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केयू के एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. आनंद कुमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। संचालन आईआईएचएस के डॉ. रामचंद्र ने किया। विभिन्न कॉलेजों से आए स्वयंसेवकों एवं सेविकाओं ने कविता, डांस व गायन के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभागिता की। इस मौके पर प्रो. कुसुम लता, डॉ. मनीषा संधू, डॉ. अनिता गोदारा, डॉ. संतोष दुबे व सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।