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अब बिजली कर्मियों ने शुरू किया अनशन
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
Updated Tue, 17 May 2016 12:43 AM IST
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अधीक्षण अभियंता स्टोर व वर्कशॉप धूलकोट और अधीक्षण अभियंता एमएंडपी में 23 सब डिवीजनों का निजीकरण और सामूहिक अवकाश पर गए कर्मचारियों को निलंबित करने के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के आह्वान पर कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन करके क्रमिक अनशन शुरू किया। दोनों सर्कल सचिवों ने संयुक्त रूप से कहा कि हरियाणा सरकार और निगम प्रशासन ने कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने की बजाय आंदोलनरत कर्मचारियों पर उत्पीड़न की कार्रवाई शुरू की है। इसका संगठन विरोध करता है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारी उत्पीड़न की कार्रवाई से घबराने वाले नहीं हैं और जब तक उनकी जायज मांगों का उचित समाधान नहीं होता तब तक आंदोलन और तेज होगा। इसी कड़ी में 24 मई को विद्युत सदन हिसार पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के सैकड़ों सदस्य उपवास करेंगे।
इसके बाद 14 जून को शक्ति भवन पंचकूला पर सैकड़ों कर्मचारी अनशन में भाग लेंगे। यदि सरकार तब भी कर्मचारियों की मांगों का उचित समाधान नहीं करती तो 29 व 30 जून को प्रदेशव्यापी बिजली की हड़ताल की जाएगी। रोष प्रदर्शशन की अध्यक्षता दोनों संगठनों के सर्कल सचिव महेश गोयल व सुदर्शन कालड़ा ने की और दीपक कुमार, भूपेंद्र कुमार, धर्मवीर पूर्व प्रेस सचिव को अनशन पर बैठाया। इस अवसर पर यूनिट प्रधान राकेश कुमार, खेम बहादुर, शिवकरण, ब्रह्मचारी, गंगाराम, हरपाल, सुमित कुमार, संजय कुमार आदि कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।
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समर्थन में उतरा सर्व कर्मचारी संघ, किया प्रदर्शन
अंबाला सिटी। पिछले दिनों हड़ताल करने पर बिजली कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने व सस्पेंड किए जाने के विरोध में सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ ने जिला स्तर पर प्रदर्शन किया व नारेबाजी की। अंबाला शहर में हुए विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राम गोपाल ने की। कर्मचारियों ने मॉडल टाउन में पब्लिक हेल्थ ऑफिस से सिंचाई विभाग जंडली तक जलूस निकाला और रोष प्रदर्शन किया।
मंच संचालन सुशील कुमार ने किया। प्रधान राम गोपाल ने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने बिजली महकमे के 7421 कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और करीब 100 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा बिजली महकमे के करीब 28 हजार कर्मचारियों के वेतन में कटौती की। इससे सरकार का कर्मचारी विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
राज्य के प्रेस सचिव इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों से बड़े-बड़े वायदे कर सत्ता में आई थी, लेकिन सत्ता में आते ही सरकार ने अपने सारे वायदे भुला दिए। बधाना ने मांग की कि सरकार को जल्द से जल्द इन कच्चे कर्मचारियों को पुन: नौकरी पर रखें। निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल करें।
बादशाही बाग यूनिट पर भी धरना
अंबाला सिटी। बिजली निगम के निलंबित कर्मचारियों व हटाए गए ठेकेदार के कर्मचारियों के समर्थन में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर सिटी के बादशाही बाग स्थित ईस्ट सब यूनिट पर कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान दो कर्मचारी भूख हड़ताल पर भी बैठे बादशाही बाग दफ्तर में धरने की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान विमल राय शर्मा ने की।
शर्मा ने कहा कि ईस्ट बिजली बोर्ड के दफ्तर में तैनात बिजली कर्मचारियों को अधिकारियों ने गलत रूप से बर्खास्त किया है क्योंकि कर्मचारी हड़ताल वाले दिन अपनी ड्यूटी पर तैनात था। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी को बर्खास्त करने के आदेश जल्द रद्द नहीं किए गए तो यह प्रदर्शन और उग्र होगा। सेंट्रल काउंसिल प्रेस सचिव देवी प्रसाद भट्ट ने कहा कि वह बिजली बोर्ड का निजीकरण नहीं होने देंगे। वहीं सिटी प्रेम नगर स्थित बिजली निगम दफ्तर पर भी कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
कांग्रेस ने की सरकारी फैसले की निंदा
अंबाला सिटी। जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव कांग्रेसी नेता ओंकार नाथ परूथी ने कहा कि निजीकरण का विरोध करने के चलते सरकार ने लगभग दस हजार ठेका कर्मचारियाें को हटाने और सौ से ज्यादा कर्मचारियों को सस्पेंड करने पर सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगभग 28 हजार कर्मचारियों का वेतन काटना पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित में अपने फैसलों पर गौर करना चाहिए। सभी हटाए गए ठेका कर्मचारियों को वापस लिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाना चाहिए। इस मसले को लेकर सरकार को प्रदेश में कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करना होगा। ताकि किसी भी तरह का बिजली संकट उत्पन्न न हो जनता को राहत मिल सके।
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उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारी उत्पीड़न की कार्रवाई से घबराने वाले नहीं हैं और जब तक उनकी जायज मांगों का उचित समाधान नहीं होता तब तक आंदोलन और तेज होगा। इसी कड़ी में 24 मई को विद्युत सदन हिसार पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के सैकड़ों सदस्य उपवास करेंगे।
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इसके बाद 14 जून को शक्ति भवन पंचकूला पर सैकड़ों कर्मचारी अनशन में भाग लेंगे। यदि सरकार तब भी कर्मचारियों की मांगों का उचित समाधान नहीं करती तो 29 व 30 जून को प्रदेशव्यापी बिजली की हड़ताल की जाएगी। रोष प्रदर्शशन की अध्यक्षता दोनों संगठनों के सर्कल सचिव महेश गोयल व सुदर्शन कालड़ा ने की और दीपक कुमार, भूपेंद्र कुमार, धर्मवीर पूर्व प्रेस सचिव को अनशन पर बैठाया। इस अवसर पर यूनिट प्रधान राकेश कुमार, खेम बहादुर, शिवकरण, ब्रह्मचारी, गंगाराम, हरपाल, सुमित कुमार, संजय कुमार आदि कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।
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समर्थन में उतरा सर्व कर्मचारी संघ, किया प्रदर्शन
अंबाला सिटी। पिछले दिनों हड़ताल करने पर बिजली कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने व सस्पेंड किए जाने के विरोध में सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ ने जिला स्तर पर प्रदर्शन किया व नारेबाजी की। अंबाला शहर में हुए विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राम गोपाल ने की। कर्मचारियों ने मॉडल टाउन में पब्लिक हेल्थ ऑफिस से सिंचाई विभाग जंडली तक जलूस निकाला और रोष प्रदर्शन किया।
मंच संचालन सुशील कुमार ने किया। प्रधान राम गोपाल ने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने बिजली महकमे के 7421 कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और करीब 100 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा बिजली महकमे के करीब 28 हजार कर्मचारियों के वेतन में कटौती की। इससे सरकार का कर्मचारी विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
राज्य के प्रेस सचिव इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों से बड़े-बड़े वायदे कर सत्ता में आई थी, लेकिन सत्ता में आते ही सरकार ने अपने सारे वायदे भुला दिए। बधाना ने मांग की कि सरकार को जल्द से जल्द इन कच्चे कर्मचारियों को पुन: नौकरी पर रखें। निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल करें।
बादशाही बाग यूनिट पर भी धरना
अंबाला सिटी। बिजली निगम के निलंबित कर्मचारियों व हटाए गए ठेकेदार के कर्मचारियों के समर्थन में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर सिटी के बादशाही बाग स्थित ईस्ट सब यूनिट पर कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान दो कर्मचारी भूख हड़ताल पर भी बैठे बादशाही बाग दफ्तर में धरने की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान विमल राय शर्मा ने की।
शर्मा ने कहा कि ईस्ट बिजली बोर्ड के दफ्तर में तैनात बिजली कर्मचारियों को अधिकारियों ने गलत रूप से बर्खास्त किया है क्योंकि कर्मचारी हड़ताल वाले दिन अपनी ड्यूटी पर तैनात था। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी को बर्खास्त करने के आदेश जल्द रद्द नहीं किए गए तो यह प्रदर्शन और उग्र होगा। सेंट्रल काउंसिल प्रेस सचिव देवी प्रसाद भट्ट ने कहा कि वह बिजली बोर्ड का निजीकरण नहीं होने देंगे। वहीं सिटी प्रेम नगर स्थित बिजली निगम दफ्तर पर भी कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
कांग्रेस ने की सरकारी फैसले की निंदा
अंबाला सिटी। जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव कांग्रेसी नेता ओंकार नाथ परूथी ने कहा कि निजीकरण का विरोध करने के चलते सरकार ने लगभग दस हजार ठेका कर्मचारियाें को हटाने और सौ से ज्यादा कर्मचारियों को सस्पेंड करने पर सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगभग 28 हजार कर्मचारियों का वेतन काटना पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित में अपने फैसलों पर गौर करना चाहिए। सभी हटाए गए ठेका कर्मचारियों को वापस लिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाना चाहिए। इस मसले को लेकर सरकार को प्रदेश में कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करना होगा। ताकि किसी भी तरह का बिजली संकट उत्पन्न न हो जनता को राहत मिल सके।