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Kurukshetra News: एनआईटी पूर्व निदेशक मामले की जांच के बीच जॉइंट रजिस्ट्रार को किया निलंबित
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी के ज्वाइंट रजिस्टार के निलंबन को लेकर जारी किया गया पत्र।
कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए जॉइंट रजिस्ट्रार (जीए) ज्ञान रंजन सामंतराय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में संस्थान की ओर से शनिवार शाम को आदेश जारी किए गए।
जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान ज्ञान रंजन सामंतराय को डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लिया गया है।
हाल ही में एनआईटी कुरुक्षेत्र में लगातार प्रशासनिक गतिविधियां और जांच प्रक्रियाएं चल रही हैं। इनके बीच यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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तीन सदस्यीय टीम ने की मामले की समीक्षा
एनआईटी संस्थान में दो दिन तक रुकी तीन सदस्यीय टीम ने पूर्व निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों व सामने आए मामले के संबंध में समीक्षा की थी। जांच टीम ने इस बार सभी फाइलों को दोबारा खुलवाया और गत दिवस ही कुछ कागजात आपने साथ लेकर गई है।
टीम का पहला दौरा 7 अप्रैल को था। उसमें टीम ने कुछ फाइलें ही मंगवाई थीं, जिनकी गहन जांच की थी। एनआईटी में जांच के लिए जो टीम आई उसमें राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के अध्यक्ष और एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, वीएनआईटी नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एम मदन गोपाल (आईएएस सेवानिवृत्त) और एमएएनआईटी भोपाल के निदेशक प्रो. केके शुक्ला शामिल रहे।
पुरानी जांच में कार्रवाई हुई : प्रो. ज्ञान भूषण
डीन अकादमिक और पीआरओ का कार्यभार देख रहे प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि यह कार्रवाई पूर्व निदेशक के मामले में हुई है। आत्महत्या मामले से इसका कोई संबंध नहीं है।
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जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान ज्ञान रंजन सामंतराय को डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लिया गया है।
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हाल ही में एनआईटी कुरुक्षेत्र में लगातार प्रशासनिक गतिविधियां और जांच प्रक्रियाएं चल रही हैं। इनके बीच यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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तीन सदस्यीय टीम ने की मामले की समीक्षा
एनआईटी संस्थान में दो दिन तक रुकी तीन सदस्यीय टीम ने पूर्व निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों व सामने आए मामले के संबंध में समीक्षा की थी। जांच टीम ने इस बार सभी फाइलों को दोबारा खुलवाया और गत दिवस ही कुछ कागजात आपने साथ लेकर गई है।
टीम का पहला दौरा 7 अप्रैल को था। उसमें टीम ने कुछ फाइलें ही मंगवाई थीं, जिनकी गहन जांच की थी। एनआईटी में जांच के लिए जो टीम आई उसमें राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के अध्यक्ष और एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, वीएनआईटी नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एम मदन गोपाल (आईएएस सेवानिवृत्त) और एमएएनआईटी भोपाल के निदेशक प्रो. केके शुक्ला शामिल रहे।
पुरानी जांच में कार्रवाई हुई : प्रो. ज्ञान भूषण
डीन अकादमिक और पीआरओ का कार्यभार देख रहे प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि यह कार्रवाई पूर्व निदेशक के मामले में हुई है। आत्महत्या मामले से इसका कोई संबंध नहीं है।