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Kurukshetra News: एनआईटी के मेस कर्मचारी फिर आंदोलन की राह पर, 10 तक का अल्टीमेटम
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र के मेस कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन की राह पर जा सकते हैं। 13 अगस्त को हड़ताल खत्म करवाते समय प्रशासन ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सितंबर का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। अब मेस कल्याण कर्मचारी संघ ने एनआईटी प्रशासन को 10 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि तय समय में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
संघ के अनुसार, 13 अगस्त को एनआईटी के निदेशक, कुलसचिव और चीफ वार्डन की मौजूदगी में कर्मचारियों के साथ वार्ता हुई थी। इस दौरान सितंबर के पहले सप्ताह तक सभी लंबित मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी थी।
लेकिन 7 सितंबर तक न तो मांगों का समाधान हुआ और न ही संघ के पदाधिकारियों के साथ आगे कोई वार्ता की गई। ऐसे में कर्मचारियों ने अब प्रशासन को 10 सितंबर तक का समय दिया है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने पहले प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा किया था, लेकिन अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों का ठोस समाधान चाहते हैं।
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संघ महासचिव मुराली प्रसाद ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संघ आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी आर-पार के मूड में हैं और मांगों के समाधान के लिए फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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संघ के अनुसार, 13 अगस्त को एनआईटी के निदेशक, कुलसचिव और चीफ वार्डन की मौजूदगी में कर्मचारियों के साथ वार्ता हुई थी। इस दौरान सितंबर के पहले सप्ताह तक सभी लंबित मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी थी।
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लेकिन 7 सितंबर तक न तो मांगों का समाधान हुआ और न ही संघ के पदाधिकारियों के साथ आगे कोई वार्ता की गई। ऐसे में कर्मचारियों ने अब प्रशासन को 10 सितंबर तक का समय दिया है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने पहले प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा किया था, लेकिन अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों का ठोस समाधान चाहते हैं।
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संघ महासचिव मुराली प्रसाद ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संघ आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी आर-पार के मूड में हैं और मांगों के समाधान के लिए फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।