{"_id":"6a63c7cba029ae5e2308b6c5","slug":"nit-kurukshetra-still-hasnt-got-a-new-board-of-education-bog-chairperson-even-after-two-months-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-158314-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र को दो महीने बाद भी नहीं मिला नया बीओजी चेयरपर्सन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र को दो महीने बाद भी नहीं मिला नया बीओजी चेयरपर्सन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय। संवाद
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) को अब तक नया चेयरपर्सन नहीं मिला है। पूर्व चेयरपर्सन तेजस्विनी अनंत कुमार का दूसरा कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो गया था। दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी नई नियुक्ति नहीं हुई है। इस देरी से संस्थान के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों पर फैसला लंबित है। अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी वाले कई मामलों पर अंतिम निर्णय नए चेयरपर्सन की नियुक्ति के बाद ही संभव होगा। प्रशासनिक स्तर पर कई प्रस्ताव लंबित बताए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय या संस्थान ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जानकारी के अनुसार, तेजस्विनी अनंत कुमार को फिर से जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, किसी नए नाम पर भी मंथन किया गया है। दो नामों पर चर्चा के कारण नियुक्ति में देरी हो रही है।
पूर्व कार्यकाल में मुद्दे
तेजस्विनी अनंत कुमार के दूसरे कार्यकाल में एनआईटी कुरुक्षेत्र कई कारणों से चर्चा में रहा। इस अवधि में छात्रों की आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं के बाद उन्होंने संस्थान का दौरा कर हालात की समीक्षा की। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संवाद व्यवस्था के लिए वेलबीइंग समिति सहित विभिन्न समितियों का गठन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को समय पर सुनना और समाधान करना था।
विज्ञापन
पूर्व कार्यकाल में मुद्दे
तेजस्विनी अनंत कुमार के दूसरे कार्यकाल में एनआईटी कुरुक्षेत्र कई कारणों से चर्चा में रहा। इस अवधि में छात्रों की आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं के बाद उन्होंने संस्थान का दौरा कर हालात की समीक्षा की। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संवाद व्यवस्था के लिए वेलबीइंग समिति सहित विभिन्न समितियों का गठन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को समय पर सुनना और समाधान करना था।
विज्ञापन