{"_id":"6a10baaa505beca7f90ea9c0","slug":"nit-has-prepared-a-strategy-for-development-works-worth-rs-300-crore-and-sent-a-proposal-to-the-ministry-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-155273-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: एनआईटी ने 300 करोड़ के विकास कार्यों पर बनी रणनीति, मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: एनआईटी ने 300 करोड़ के विकास कार्यों पर बनी रणनीति, मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में वीरवार को हुई बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इस दौरान संस्थान के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर रणनीति भी बनाई गई। बैठक में छात्रावास, आवासीय और शैक्षणिक भवनों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की फंडिंग का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे का विकास, रिसर्च और इनोवेशन, स्टार्टअप, उद्भवन केंद्र और छात्र सुविधाओं के लिए भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार ने की। इसमें बोर्ड मेंबर के साथ कार्यवाहक निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत सिंह, कुलसचिव डॉ. विनोद मित्तल आदि शामिल रहे।
संस्थान के निदेशक ने बैठक में फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जल्द ही फैकल्टी और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), तकनीकी व्याख्यान, एलुमनी एंगेजमेंट, उद्योग सहयोग और इंडस्ट्री विजिट को शिक्षण प्रक्रिया का नियमित हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार ने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से समाज की सेवा के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय संस्थान को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
पिछले डेढ़ महीने में तीसरी बार एनआईटी पहुंचीं चेयरपर्सन
एनआईटी में आयोजित यह बैठक इसलिए भी अहम रही क्योंकि बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार का कार्यकाल अंतिम चरण में है। उन्हें 25 नवंबर 2025 को छह माह के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) चेयरपर्सन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। पिछले डेढ़ महीने में यह उनका तीसरा एनआईटी दौरा रहा, जबकि बीते छह माह के दौरान वह पांच से छह बार बोर्ड बैठकों की अध्यक्षता कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए लगातार समीक्षा बैठकें की हैं।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार ने की। इसमें बोर्ड मेंबर के साथ कार्यवाहक निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत सिंह, कुलसचिव डॉ. विनोद मित्तल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक ने बैठक में फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जल्द ही फैकल्टी और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), तकनीकी व्याख्यान, एलुमनी एंगेजमेंट, उद्योग सहयोग और इंडस्ट्री विजिट को शिक्षण प्रक्रिया का नियमित हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार ने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से समाज की सेवा के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय संस्थान को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
पिछले डेढ़ महीने में तीसरी बार एनआईटी पहुंचीं चेयरपर्सन
एनआईटी में आयोजित यह बैठक इसलिए भी अहम रही क्योंकि बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार का कार्यकाल अंतिम चरण में है। उन्हें 25 नवंबर 2025 को छह माह के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) चेयरपर्सन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। पिछले डेढ़ महीने में यह उनका तीसरा एनआईटी दौरा रहा, जबकि बीते छह माह के दौरान वह पांच से छह बार बोर्ड बैठकों की अध्यक्षता कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए लगातार समीक्षा बैठकें की हैं।

कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय। संवाद