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Kurukshetra News: एनआईटी कर्मचारी ने मेस के बाहर फंदा लगाकर दे दी जान, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:44 AM IST
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NIT employee hangs himself outside mess; entire incident captured on CCTV
कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद - फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में सोमवार सुबह एक मैस कर्मचारी ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के टंडियावां ब्लॉक के देविया फत्तेपुर निवासी कौशल के रूप में हुई है। वह करीब दो साल से एनआईटी के हॉस्टल-4 की मैस में रोटी बनाने का काम कर रहा था और मैस के सामने कॉलेज कॉलोनी में रहता था।
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जानकारी के अनुसार कौशल सोमवार सुबह करीब चार बजे घर से साइकिल पर निकला और एनआईटी पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में वह मैस के पास खड़ी ई-रिक्शा से रस्सी उठाता दिखाई दिया। इसके बाद उसने हॉस्टल-4 की मैस के बाहर सीढ़ी लगाकर आम के पेड़ पर फंदा लगा लिया। सुबह ड्यूटी पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड ने शव लटका देखा तो तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
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परिजनों के अनुसार रविवार सुबह उसने अपनी छोटी बहन को फोन कर कहा था, यह मेरी आखिरी बात है, आज के बाद हमारी कभी बात नहीं होगी। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया और लगातार शराब पीता रहा। कौशल दो भाइयों और चार बहनों में सबसे छोटा था। उसकी दो बड़ी बहनें और जीजा साल 2007 से एनआईटी में मैस कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं। उसकी पत्नी शिवानी और दो छोटे बेटे बहन के पास रहते हैं। बड़ा बेटा पांच साल और छोटा डेढ़ साल का है।
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परिवार के लोगों ने बताया कि युवक नशे की लत और आर्थिक तंगी से परेशान रहता था। उसका वेतन करीब आठ हजार रुपये था और छुट्टी होने पर कटौती के बाद काफी कम पैसा बचता था। इसके लिए भी वह काफी चिंता में रहता था।
एनआईटी में तीन माह में पांचवा आत्महत्या का मामला
एनआईटी में आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते तीन महीने में चार विद्यार्थियों की आत्महत्या के बाद यह पांचवा मामला है। 16 फरवरी को तेलंगाना के छात्र, उसके बाद 30 मार्च और 9 अप्रैल को हॉस्टल आठ के दो छात्र, फिर 16 अप्रैल को कावेरी हॉस्टल की छात्रा दीक्षा की आत्महत्या के बाद अब एक कर्मचारी ने जान दे दी।

घटनास्थल पर विशेषज्ञ टीम से करवाई जांच

एसआई विनोद कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल पर विशेषज्ञ टीम से जांच करवाई गई। परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

नशे की लत से भी परेशान था : बहन

कौशल की बहन पूनम ने बताया कि वह उसे काफी समझाती थी। उसकी लत से परेशान होकर ही वह उसे दो साल पहले यहां लेकर आई थी और एनआईटी में नौकरी दिलवाई थी लेकिन वह काफी शराब पीता था। परिवार में किसी प्रकार का कोई झगड़ा नहीं था। बाहरी लेन-देन की भी उसने कभी कोई बात नहीं बताई।


मेरे साथ ही करता था काम : जीजा

कौशल के जीजा अशोक कुमार, जो हॉस्टल-9 में कुक का काम करते हैं, उन्होंने बताया कि वह नशे की लत से परेशान तो था ही, साथ ही कम वेतन में घर का गुजारा कैसे होगा, इसे लेकर भी अक्सर बात करता था। उन्होंने बताया कि उसका मात्र आठ हजार रुपये वेतन था। अगर काम पर न जाए तो कटौती के बाद चार हजार रुपये तक ही बचते थे जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता था।

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद

कुरुक्षेत्र। इस सीढ़ी पर चढ़कर पेड़ से ली फांसी। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।

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