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दिलों को जोड़ने और तनाव मुक्त जीवन का आधार है संगीत : उमा
Tue, 23 Jun 2026 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:48 AM IST
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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर गायन विधा की सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर स्वस्थ मनोरंजन का संदेश द
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष उमा सुधा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि संगीत ऐसी सार्वभौमिक भाषा है, जिसे समझने के लिए किसी अनुवाद की जरूरत नहीं। यह दिलों को जोड़ने वाला और तनाव मुक्त जीवन का आधार है।
इस दौरान कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से कराए सुरमयी कार्यक्रम दौरान स्वर लहरियों से पुरुषोत्तमपुरा बाग गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में पंडित सुभाष चंद्र घोष, प्रो भूपेंद्र मल्होत्रा, नुकुल मल्होत्रा, मानव जुनेजा, वासुदेव, सिद्धार्थ, सुरेश, दर्शन, योगेश, हरीश, नगाड़ा पार्टी के सुरेंद्र सिंह, रणबीर, रोशन, विजय पाल, शमशेर सिंह, सोनू, बृजेश, अजीत, मनोज, पवन को कला की बेहतर प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया।मुख्य अतिथि ने कहा कि संगीत दिवस मनाने का उद्देश्य आम लोगों को संगीत के प्रति जागरूक करना है।
प्रयास होना चाहिए कि हरियाणवी समृद्ध लोक संगीत विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिले। कलाकार समाज का दर्पण होते हैं और इन्हें सम्मान देना कर्तव्य है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का आह्नान किया। इस दौरान बांसुरी वादन की प्रस्तुति को सराहा गया। इस मौके पर हरियाणा योग आयोग के सदस्य डॉ. मनीष कुकरेजा, कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी डाॅ. दीपिका, सुमन डांगी, प्रो. शुचिस्मिता जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. नरेंद्र सिंह, पंकज और धर्मवीर मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष उमा सुधा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि संगीत ऐसी सार्वभौमिक भाषा है, जिसे समझने के लिए किसी अनुवाद की जरूरत नहीं। यह दिलों को जोड़ने वाला और तनाव मुक्त जीवन का आधार है।
इस दौरान कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से कराए सुरमयी कार्यक्रम दौरान स्वर लहरियों से पुरुषोत्तमपुरा बाग गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में पंडित सुभाष चंद्र घोष, प्रो भूपेंद्र मल्होत्रा, नुकुल मल्होत्रा, मानव जुनेजा, वासुदेव, सिद्धार्थ, सुरेश, दर्शन, योगेश, हरीश, नगाड़ा पार्टी के सुरेंद्र सिंह, रणबीर, रोशन, विजय पाल, शमशेर सिंह, सोनू, बृजेश, अजीत, मनोज, पवन को कला की बेहतर प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया।मुख्य अतिथि ने कहा कि संगीत दिवस मनाने का उद्देश्य आम लोगों को संगीत के प्रति जागरूक करना है।
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प्रयास होना चाहिए कि हरियाणवी समृद्ध लोक संगीत विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिले। कलाकार समाज का दर्पण होते हैं और इन्हें सम्मान देना कर्तव्य है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का आह्नान किया। इस दौरान बांसुरी वादन की प्रस्तुति को सराहा गया। इस मौके पर हरियाणा योग आयोग के सदस्य डॉ. मनीष कुकरेजा, कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी डाॅ. दीपिका, सुमन डांगी, प्रो. शुचिस्मिता जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. नरेंद्र सिंह, पंकज और धर्मवीर मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर गायन विधा की सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर स्वस्थ मनोरंजन का संदेश द
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