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Kurukshetra News: मुर्तजापुर सड़क का निर्माण अधर में, 23 दिन से पत्थरों में चोटिल हो रहे राहगीर
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पिहोवा। मुर्तजापुर बस स्टॉप से गांव जाने वाली सड़क का निर्माण अधर में लटका है, जहां पड़े पत्थरों में राहगीर चोटिल हो रहे हैं। को उखाड़ने से ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क नवीनीकरण का टेंडर ऐसी फर्म को दिया गया है, जिसने पहले भी कई महीने तक उखाड़ने के बाद सड़क नहीं बनाई थी।
ग्रामीण रघुवीर, संत राम व गौरव आदि ने बताया कि एक मई को डीसी कार्यालय में हुई दिशा बैठक में कांग्रेस विधायक मनदीप चट्ठा ने इस सड़क के टूटा होने का मुद्दा उठाया था। विधायक मनदीप ने अधिकारियों से जवाब मांगा था कि जब कई महीने से इस सड़क को बनाने का टेंडर हुआ है तो इसे बनाया क्यों नहीं जा रहा। विधायक की शिकायत पर सांसद नवीन जिंदल ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। सांसद ने उस समय अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए थे कि यदि टेंडर लेने के बाद कोई फर्म काम नहीं करती तो उसे ब्लैकलिस्टेड करके नए सिरे से टेंडर जारी किया जाए।
बस यही नाराजगी जाहिर करने के लिए बैठक के अगले दिन इस सड़क को उखाड़ दिया गया जिससे इसकी हालत ऐसी हो गई कि अब इस पर पत्थर उछलते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और स्कूल जाने वाली बसों को आती है। कई लोग इस पर गिरकर चोटिल हो चुके हैं और कई वाहन के टायरों से उछाल पत्थरों से चोट खा चुके हैं, लेकिन ठेकेदार व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर कोई असर नहीं है।
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ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 23 दिन से वे पत्थरों के ऊपर से चलकर सफर कर रहे हैं। इससे पहले भी जब बीबीपुर से नंदूखेड़ा सड़क का निर्माण होना था तब भी ठेकेदार ने यहां से पुरानी सड़क को उखाड़ कर मैटेरियल कहीं और लगा दिया था। कई महीने तक उस समय भी इन्हीं गांवों को परेशानी हुई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन के अंदर सड़क नहीं बनी तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उधर पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ सुरेंद्र पाल ने बताया कि सांसद एवं विधायक के आदेश के बाद विभाग ने संज्ञान लिया है। इस बारे में ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। अगले सप्ताह इस सड़क का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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ग्रामीण रघुवीर, संत राम व गौरव आदि ने बताया कि एक मई को डीसी कार्यालय में हुई दिशा बैठक में कांग्रेस विधायक मनदीप चट्ठा ने इस सड़क के टूटा होने का मुद्दा उठाया था। विधायक मनदीप ने अधिकारियों से जवाब मांगा था कि जब कई महीने से इस सड़क को बनाने का टेंडर हुआ है तो इसे बनाया क्यों नहीं जा रहा। विधायक की शिकायत पर सांसद नवीन जिंदल ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। सांसद ने उस समय अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए थे कि यदि टेंडर लेने के बाद कोई फर्म काम नहीं करती तो उसे ब्लैकलिस्टेड करके नए सिरे से टेंडर जारी किया जाए।
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बस यही नाराजगी जाहिर करने के लिए बैठक के अगले दिन इस सड़क को उखाड़ दिया गया जिससे इसकी हालत ऐसी हो गई कि अब इस पर पत्थर उछलते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और स्कूल जाने वाली बसों को आती है। कई लोग इस पर गिरकर चोटिल हो चुके हैं और कई वाहन के टायरों से उछाल पत्थरों से चोट खा चुके हैं, लेकिन ठेकेदार व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर कोई असर नहीं है।
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ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 23 दिन से वे पत्थरों के ऊपर से चलकर सफर कर रहे हैं। इससे पहले भी जब बीबीपुर से नंदूखेड़ा सड़क का निर्माण होना था तब भी ठेकेदार ने यहां से पुरानी सड़क को उखाड़ कर मैटेरियल कहीं और लगा दिया था। कई महीने तक उस समय भी इन्हीं गांवों को परेशानी हुई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन के अंदर सड़क नहीं बनी तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उधर पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ सुरेंद्र पाल ने बताया कि सांसद एवं विधायक के आदेश के बाद विभाग ने संज्ञान लिया है। इस बारे में ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। अगले सप्ताह इस सड़क का काम शुरू करवा दिया जाएगा।