कुरुक्षेत्र में सेवानिवृत्त महिला प्राचार्य की घर में गला रेतकर हत्या, कुंडी लगाकर हत्यारे हुए फरार
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पिहोवा स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियार से सेवानिवृत्त 62 वर्षीय प्राचार्या ऊषा गुप्ता की गला रेतकर निर्मम हत्या को अंजाम दिया। यही नहीं, हत्यारों ने प्राचार्या की छाती, पेट और दोनों हाथों के अतिरिक्त अन्य अंगों पर तेजधार हथियार से करीब 20 प्रहार किए। घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है कि अज्ञात हमलावर हत्या को अंजाम देने के बाद घर की बिजली जलती छोड़ मुख्यद्वार पर ताला लगाकर फरार हो गए।
हत्या के अगले दिन जब कैथल निवासी मोनू अपनी बुआ ऊषा गुप्ता से मिलने पिहोवा पहुंचा तो घर के मुख्यद्वार पर ताला लटका मिला, जिसकी सूचना उसने अपने रिश्तेदारों को दी, जिन्होंने ऊषा गुप्ता के फोन पर कॉल कर संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन ऊषा गुप्ता का फोन बंद आ रहा था।
जैसे ही उषा गुप्ता का देवर सचिन मित्तल और विकास रविवार रात करीब 8 बजे घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि घर की लाइट जली हुई और मुख्यद्वार पर ताला लटका हुआ है, जिसके बाद वे दीवार फांदकर घर में घुसे तो बेडरूम में ऊषा गुप्ता के शव को खून से लथपथ देखकर उनके होश उड़ गए।
इसकी भनक लगते ही रिश्तेदारों में भी हड़कंप मच गया और वे घटनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। वहीं परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर डीएसपी धीरज कुमार, सिटी चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार व सीआईए-1 व 2 की टीमें पुलिस बल सहित घटना स्थल पहुंची और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए। इसके पश्चात पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। जेल से जमानत मिलने के बाद पिहोवा पहुंचे मृतका के छोटे पुत्र योगेश ने अपनी मां ऊषा गुप्ता का अंतिम संस्कार किया।
पति की चार और बेटे की सात वर्ष पूर्व हो चुकी है मौत
पिहोवा निवासी सचिन मित्तल ने बताया कि उसकी भाभी ऊषा गुप्ता प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने मकान में छोटे बेटे योगेश के साथ रहती थी, जो 30 जुलाई 2019 से नशीले पदार्थ अधिनियम के तहत जिला कारागार में बंद है। इससे बड़े बेटे प्रिंस की वर्ष 2012 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके पश्चात वर्ष 2015 में उसके पति सतीश मित्तल की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह योगेश के साथ ही अपने घर में रहती थी, लेकिन योगेश नशे का आदी था, जिसके कारण वह जेल में बंद है।
वर्ष 2016 में प्राचार्या के पद से हुई सेवानिवृत्त
जानकारी के अनुसार ऊषा गुप्ता लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाओं के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोधनी से वर्ष 2016 में प्राचार्या के पद से सेवानिवृत्त हुई थी, जिसके बाद वह अपने पुत्र के साथ पिहोवा की प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने मकान में रहती थी।
पुलिस योगेश से करेगी पूछताछ, मामले की गहनता से की जा रही जांच
सिटी चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार एवं जांच अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में रंजिश के चलते ऊषा गुप्ता की हत्या को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों का सुराग लग सके। इसके अलावा पुलिस मृतका के पुत्र योगेश से भी पूछताछ करेगी। इस मामले में सीआईए की दोनों टीमें बारीकी से जांच कर रही है, जल्द ही हमलावरों को काबू किया जाएगा।