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भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं मां स्कंदमाता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा मंत्रोच्चारण और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ की गई। पीठा अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि स्कंदमाता को मां दुर्गा का मातृत्व परिभाषित करने वाला स्वरूप माना जाता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली स्कंदमाता परम सुखदाई हैं।
उन्होंने बताया कि मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं। मां की उपासना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। मां का स्मरण करने से ही असंभव कार्य संभव हो जाते हैं। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज व कांति से संपन्न हो जाता है। दुर्गा चालीसा और भगवती स्तोत्रम का जाप करके मां को प्रसन्न किया जा सकता है।
वहीं मां के दर्शनों के लिए दूरदराज से आए भक्त सुबह ही कतार में लगकर प्रतीक्षा करने लगे। सुबह छह बजे मां भद्रकाली मंदिर के कपाट खोलकर मां की मंगला आरती की गई। नीरज गुप्ता परिवार की ओर से शंख, मोर पंख, गुलाब इत्र, चंवर, झंडे से मां की सेवा की। आरती के बाद पांच अलग-अलग मिष्ठान, फल तथा छह इलायची से मां को भोग लगाया गया। इसके बाद मां भद्रकाली जी के विभिन्न पवित्र ग्रंथों में वर्णित सभी मंत्रों का जाप किया गया।
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दोपहर 12 बजे नवरात्र व्रत भंडारे का आयोजन विनोद गुप्ता परिवार और संजय बंसल परिवार की ओर से अन्नपूर्णा भंडारा लगाया गया। शाम की भजन संध्या में सचिन मदान एंड पार्टी ने मां के भजन गाए। सभी भक्त मां की मस्ती में झूमते नाचते रहे।। भक्तों की विशेष मांग पर कन्याओं और देशभक्ति के गीत भी कलाकारों ने सुनाए।
मां भद्रकाली के जयकारे के साथ रात्रि शयन आरती का समापन किया गया। इस मौके पर नरेंद्र वालिया, हेमराज शर्मा, धर्मपाल गोयल, मीना जोशी, शकुंतला देवी, निकुंज शर्मा, देवेंद्र गर्ग, रामपाल लाठर, सुनील वर्मा, हाकम चौधरी, अनिल माटा, निरंजन लाल गर्ग, आशीष दीक्षित, हितेश चौधरी, विशु संधू, रमेश मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा मंत्रोच्चारण और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ की गई। पीठा अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि स्कंदमाता को मां दुर्गा का मातृत्व परिभाषित करने वाला स्वरूप माना जाता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली स्कंदमाता परम सुखदाई हैं।
उन्होंने बताया कि मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं। मां की उपासना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। मां का स्मरण करने से ही असंभव कार्य संभव हो जाते हैं। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज व कांति से संपन्न हो जाता है। दुर्गा चालीसा और भगवती स्तोत्रम का जाप करके मां को प्रसन्न किया जा सकता है।
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वहीं मां के दर्शनों के लिए दूरदराज से आए भक्त सुबह ही कतार में लगकर प्रतीक्षा करने लगे। सुबह छह बजे मां भद्रकाली मंदिर के कपाट खोलकर मां की मंगला आरती की गई। नीरज गुप्ता परिवार की ओर से शंख, मोर पंख, गुलाब इत्र, चंवर, झंडे से मां की सेवा की। आरती के बाद पांच अलग-अलग मिष्ठान, फल तथा छह इलायची से मां को भोग लगाया गया। इसके बाद मां भद्रकाली जी के विभिन्न पवित्र ग्रंथों में वर्णित सभी मंत्रों का जाप किया गया।
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दोपहर 12 बजे नवरात्र व्रत भंडारे का आयोजन विनोद गुप्ता परिवार और संजय बंसल परिवार की ओर से अन्नपूर्णा भंडारा लगाया गया। शाम की भजन संध्या में सचिन मदान एंड पार्टी ने मां के भजन गाए। सभी भक्त मां की मस्ती में झूमते नाचते रहे।। भक्तों की विशेष मांग पर कन्याओं और देशभक्ति के गीत भी कलाकारों ने सुनाए।
मां भद्रकाली के जयकारे के साथ रात्रि शयन आरती का समापन किया गया। इस मौके पर नरेंद्र वालिया, हेमराज शर्मा, धर्मपाल गोयल, मीना जोशी, शकुंतला देवी, निकुंज शर्मा, देवेंद्र गर्ग, रामपाल लाठर, सुनील वर्मा, हाकम चौधरी, अनिल माटा, निरंजन लाल गर्ग, आशीष दीक्षित, हितेश चौधरी, विशु संधू, रमेश मौजूद रहे।