{"_id":"62ba0c45c18ab16219010d05","slug":"monsoon-ready-drains-need-cleaning-kurukshetra-news-knl1128660102","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून की दस्तक देने को तैयार, अब भी नालों में सफाई की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून की दस्तक देने को तैयार, अब भी नालों में सफाई की दरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम के बदलते मिजाज के बीच मानसून दस्तक देने को तैयार है। अगले दो दिन में मानसून आने की संभावना है, लेकिन नगर परिषद शहर के नालों की सफाई को लेकर कतई संजीदा नहीं है। नप जिन नालों की सफाई का दावा कर रहा है वह नाले अभी भी कूड़ा, कचरा, गंदगी, पॉलिथीन और प्लास्टिक के सामान से भरे पड़े हैं। शहर में एक मुख्य नाले सहित पांच से ज्यादा नाले हैं, जिन्हें सफाई की दरकार है। नालों की स्थिति जांचने के लिए उपायुक्त मुकुल कुमार और डीएमसी ममता शर्मा कई बार निरीक्षण भी कर चुके हैं। बावजूद नालों की सफाई का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
नालों की सफाई को लेकर नप के अधिकारी कितने गंभीर है इस बात का अंदाजा झांसा रोड पर बने नाले की बदहाल स्थिति को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस नाले की सफाई नहीं हो पाई। झांसा रोड पर रविदास चौक, पेट्रोल पंप के सामने, बिजली घर के सामने नाला गंदगी से भरा हुआ है। इन तीन जगह पर नालों में पॉलिथीन, बोतलें, कट्टे और प्लास्टिक का सामान भरा हुआ है।
रविदास चौक के पास नाले में गंदगी भरी होने के कारण आसपास खड़ा रहना भी मुश्किल है। इस नाले में आंचला चौक, महादेव मोहल्ला, सौदागरण मोहल्ला, पत्थरों वाली गली मोहल्ले सहित 300 से ज्यादा घरों से निकला गंदा पानी गिरता है, मगर अब तक नाले की सफाई नहीं की गई।
विज्ञापन
नप आगे दौड़ पीछे छोड़ की नीति के तहत काम कर रहा है। उपायुक्त के आदेशों के बाद नालों में लोहे के जाल लगाए जा रहे हैं ताकि नाले में आने वाला कूड़ा-कर्कट जाल के पास ही रूक जाए और आसानी से नाले की सफाई हो सके। रविदास चौक के पास शुक्रवार को नप की ओर से यहां के नाले में लोहे का जाल लगाया गया था, मगर सफाई कर्मी नाले की सफाई करना भूल गए।
अमृत योजना के तहत बना शहर का मुख्य नाला भी सफाई को तरस रहा है, जबकि पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले से होकर एसटीएफ में गिरता है। परसराम कॉलोनी सहित कई जगह पर नालों में गंदगी पड़ी हुई है। बारिश में यह गंदगी ओवरफ्लो होकर कॉलोनी की गलियों को अपनी चपेट में ले लेगी। वहीं महाराणा प्रताप चौक के पास फाटक के पास का नाला भी गंदगी से भरा पड़ा है।
डीएमसी ममता शर्मा ने बताया कि नालों की सफाई का कार्य बदस्तूर चलता रहेगा। झांसा रोड के नाले की सफाई कराई गई थी। फिर भी वह जांच कराकर सफाई करा देगी। वहीं मुख्य नाले की सफाई का कार्य लंबित है। जल्द ही उसकी सफाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन
नालों की सफाई को लेकर नप के अधिकारी कितने गंभीर है इस बात का अंदाजा झांसा रोड पर बने नाले की बदहाल स्थिति को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस नाले की सफाई नहीं हो पाई। झांसा रोड पर रविदास चौक, पेट्रोल पंप के सामने, बिजली घर के सामने नाला गंदगी से भरा हुआ है। इन तीन जगह पर नालों में पॉलिथीन, बोतलें, कट्टे और प्लास्टिक का सामान भरा हुआ है।
विज्ञापन
रविदास चौक के पास नाले में गंदगी भरी होने के कारण आसपास खड़ा रहना भी मुश्किल है। इस नाले में आंचला चौक, महादेव मोहल्ला, सौदागरण मोहल्ला, पत्थरों वाली गली मोहल्ले सहित 300 से ज्यादा घरों से निकला गंदा पानी गिरता है, मगर अब तक नाले की सफाई नहीं की गई।
विज्ञापन
नप आगे दौड़ पीछे छोड़ की नीति के तहत काम कर रहा है। उपायुक्त के आदेशों के बाद नालों में लोहे के जाल लगाए जा रहे हैं ताकि नाले में आने वाला कूड़ा-कर्कट जाल के पास ही रूक जाए और आसानी से नाले की सफाई हो सके। रविदास चौक के पास शुक्रवार को नप की ओर से यहां के नाले में लोहे का जाल लगाया गया था, मगर सफाई कर्मी नाले की सफाई करना भूल गए।
अमृत योजना के तहत बना शहर का मुख्य नाला भी सफाई को तरस रहा है, जबकि पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले से होकर एसटीएफ में गिरता है। परसराम कॉलोनी सहित कई जगह पर नालों में गंदगी पड़ी हुई है। बारिश में यह गंदगी ओवरफ्लो होकर कॉलोनी की गलियों को अपनी चपेट में ले लेगी। वहीं महाराणा प्रताप चौक के पास फाटक के पास का नाला भी गंदगी से भरा पड़ा है।
डीएमसी ममता शर्मा ने बताया कि नालों की सफाई का कार्य बदस्तूर चलता रहेगा। झांसा रोड के नाले की सफाई कराई गई थी। फिर भी वह जांच कराकर सफाई करा देगी। वहीं मुख्य नाले की सफाई का कार्य लंबित है। जल्द ही उसकी सफाई की प्रक्रिया शुरू होगी।