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Kurukshetra News: शोध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके मोहम्मद नदीम रहीमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संस्थान (आईएमएस) के शोधार्थी मोहम्मद नदीम रहीमी ने हाल ही में अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है।
रहीमी ने अपने शोध निर्देशक डॉ. अनिल कुमार के मार्गदर्शन में सतत व्यवसाय प्रथाओं पर केंद्रित शोधकार्य प्रस्तुत किया, जिसे वैश्विक स्तर पर खूब सराहा गया। रहीमी मूल रूप से अफगानिस्तान का रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि रहीमी को पहला सम्मान 10 अप्रैल को देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज द्वारा आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय स्थिरता सम्मेलन में प्राप्त हुआ, यहां उन्हें एएनआरएफ-प्रायोजित युवा वैज्ञानिक यात्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यहां रहीमी द्वारा प्रस्तुत शोध सतत विकास लक्ष्यों के लिए व्यापारिक रणनीतियों के प्रभाव को रेखांकित किया। इसके बाद 12 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित केआर मंगलम विश्वविद्यालय में आयोजित सतत व्यवसाय परिवर्तन के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रहीमी को सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार से नवाजा गया।
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इस शोधपत्र में उन्होंने व्यावसायिक नवाचारों के माध्यम से टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए।
शोधार्थी रहीमी ने पहला शोध पत्र आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना: ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में प्राकृतिक संसाधनों पर विकास गतिशीलता की भूमिका पर प्रस्तुत किया, जिसमें तेजी से विकासशील ब्रिक्स देशों-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में पर्यावरणीय स्थिरता के साथ आर्थिक विकास को संतुलित करने की तत्काल आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संस्थान (आईएमएस) के शोधार्थी मोहम्मद नदीम रहीमी ने हाल ही में अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है।
रहीमी ने अपने शोध निर्देशक डॉ. अनिल कुमार के मार्गदर्शन में सतत व्यवसाय प्रथाओं पर केंद्रित शोधकार्य प्रस्तुत किया, जिसे वैश्विक स्तर पर खूब सराहा गया। रहीमी मूल रूप से अफगानिस्तान का रहने वाले हैं।
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गौरतलब है कि रहीमी को पहला सम्मान 10 अप्रैल को देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज द्वारा आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय स्थिरता सम्मेलन में प्राप्त हुआ, यहां उन्हें एएनआरएफ-प्रायोजित युवा वैज्ञानिक यात्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यहां रहीमी द्वारा प्रस्तुत शोध सतत विकास लक्ष्यों के लिए व्यापारिक रणनीतियों के प्रभाव को रेखांकित किया। इसके बाद 12 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित केआर मंगलम विश्वविद्यालय में आयोजित सतत व्यवसाय परिवर्तन के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रहीमी को सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार से नवाजा गया।
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इस शोधपत्र में उन्होंने व्यावसायिक नवाचारों के माध्यम से टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए।
शोधार्थी रहीमी ने पहला शोध पत्र आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना: ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में प्राकृतिक संसाधनों पर विकास गतिशीलता की भूमिका पर प्रस्तुत किया, जिसमें तेजी से विकासशील ब्रिक्स देशों-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में पर्यावरणीय स्थिरता के साथ आर्थिक विकास को संतुलित करने की तत्काल आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।