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Kurukshetra News: मास्टर प्लान पर विधायक अशोक अरोड़ा ने उठाए सवाल
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कुरुक्षेत्र। प्रशासन की ओर से तैयार किए गए धर्मनगरी के मास्टर प्लान 2041 पर विधायक अशोक अरोड़ा ने सवाल उठाए हैं, जिसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से शहर में शीघ्र बाईपास बनाए जाने के दावों पर भी संदेह जताया।
अपने प्रतिष्ठान पर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित अनेक भाजपा नेता यह दावा कर रहे हैं कि बाईपास का डीपीआर बन चुकी है और शीघ्र ही यह सौगात मिलेगी। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई को प्लानिंग कमेटी की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक डीसी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कुरुक्षेत्र के मास्टर प्लान पर चर्चा हुई। बैठक में जो मास्टर प्लान रखा गया उसमें प्रस्तावित रिंग रोड को उस स्थान पर दिखाया गया है जहां पर आबादी हो चुकी है और अनेक वैध तथा अवैध कॉलोनियां भी बस चुकी हैं। इस स्थान पर रिंग रोड बनना आज भी संभव नही है और 2041 में तो शहरी आबादी डेढ गुना होकर साढ़े 10 लाख के करीब हो जाएगी। उन्होंने बैठक में सुझाव रखा कि रिंग रोड को शहर के ऊपर लगभग सात-आठ किलोमीटर दूर बनाना प्रस्तावित किया जाए। अधिकारियों ने उनके इस सुझाव पर सहमति जताते हुए दोबारा ड्राफ्ट करने का आश्वासन दिया है।
अरोड़ा ने बताया कि जब बाईपास की चर्चा आई तो उन्हें अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बाईपास के बारे में पत्र लिखा गया था लेकिन उसका कोई जवाब ही नहीं आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि बाईपास जल्द बनेगा जबकि 2041 के मास्टर प्लान में प्रस्तावित बाईपास को कहीं भी दर्शाया नहीं गया है।
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अपने प्रतिष्ठान पर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित अनेक भाजपा नेता यह दावा कर रहे हैं कि बाईपास का डीपीआर बन चुकी है और शीघ्र ही यह सौगात मिलेगी। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई को प्लानिंग कमेटी की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक डीसी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कुरुक्षेत्र के मास्टर प्लान पर चर्चा हुई। बैठक में जो मास्टर प्लान रखा गया उसमें प्रस्तावित रिंग रोड को उस स्थान पर दिखाया गया है जहां पर आबादी हो चुकी है और अनेक वैध तथा अवैध कॉलोनियां भी बस चुकी हैं। इस स्थान पर रिंग रोड बनना आज भी संभव नही है और 2041 में तो शहरी आबादी डेढ गुना होकर साढ़े 10 लाख के करीब हो जाएगी। उन्होंने बैठक में सुझाव रखा कि रिंग रोड को शहर के ऊपर लगभग सात-आठ किलोमीटर दूर बनाना प्रस्तावित किया जाए। अधिकारियों ने उनके इस सुझाव पर सहमति जताते हुए दोबारा ड्राफ्ट करने का आश्वासन दिया है।
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अरोड़ा ने बताया कि जब बाईपास की चर्चा आई तो उन्हें अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बाईपास के बारे में पत्र लिखा गया था लेकिन उसका कोई जवाब ही नहीं आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि बाईपास जल्द बनेगा जबकि 2041 के मास्टर प्लान में प्रस्तावित बाईपास को कहीं भी दर्शाया नहीं गया है।
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