फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Migraine patients on the rise, OPD at LNJP Hospital reaches 20 daily

Kurukshetra News: बढ़ रहे माइग्रेन के मरीज, एलएनजेपी अस्पताल में रोज 20 तक पहुंच रही ओपीडी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 02:38 AM IST
विज्ञापन
Migraine patients on the rise, OPD at LNJP Hospital reaches 20 daily
कुरुक्षेत्र। बदलती दिनचर्या और मोबाइल-टीवी के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सिरदर्द और माइग्रेन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीज माइग्रेन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, डिप्रेशन के मरीजों की संख्या भी 30 के पार पहुंच रही है।
विज्ञापन


चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक मोबाइल और टीवी की स्क्रीन देखने, नींद पूरी न होने, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण सिरदर्द की समस्या बढ़ रही है। कई लोग लगातार घंटों मोबाइल चलाने के बाद सिर में तेज दर्द, आंखों के आसपास भारीपन और चक्कर आने जैसी शिकायतें लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


स्क्रीन टाइम बढ़ने से बढ़ रही परेशानी

मनोचिकित्सक डॉ. अनुज ने बताया कि आजकल लोगों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखने से आंखों पर दबाव पड़ने के साथ मानसिक थकान भी बढ़ती है। इसके अलावा देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद का चक्र प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि माइग्रेन केवल सामान्य सिरदर्द नहीं है। इसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द के साथ उल्टी, जी मिचलाना, रोशनी या तेज आवाज से परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई देने पर मरीज को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



डिप्रेशन के मरीज भी बढ़े

अस्पताल की ओपीडी में डिप्रेशन से पीड़ित मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रोजाना 30 से अधिक मरीज मानसिक तनाव, उदासी, नींद में परेशानी, चिड़चिड़ापन और किसी काम में मन नहीं लगने जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार तनाव, सामाजिक दूरी, काम का दबाव और नींद की कमी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है।



मोबाइल का इस्तेमाल सीमित करें

डॉ. अनुज के अनुसार मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। समय-समय पर स्क्रीन से ब्रेक लेना, पर्याप्त नींद लेना, नियमित व्यायाम करना और दिनचर्या को व्यवस्थित रखना माइग्रेन और मानसिक तनाव से बचाव में मददगार हो सकता है। बार-बार सिरदर्द होने या मानसिक परेशानी महसूस होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed