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एलएनजेपी अस्पताल में अब सौ बेड का मैटरनल चाइल्ड हेल्थ विंग बनाने की तैयारी ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:57 AM IST
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metternal child heath wing prepare in LNJP hospital
एलएनजेपी अस्पताल के पुराने भवन को गिराकर अब 100 बेड की सुविधा वाले मैटरनल चाइल्ड हेल्थ विंग बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे एमसीएच विंग में जच्चा-बच्चा को एक ही छत के नीचे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। विंग में प्रसव से पहले गर्भवती महिलाओं को रखने के लिए बेड की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ओपीडी, प्रसूति वार्ड और स्पेशल न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट और ऑपरेशन थियेटर बनाने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल अस्पताल के प्रसूति विभाग में जच्चा-बच्चा के लिए 26 और एसएनसीयू में 18 बेड की व्यवस्था है। बेड की कमी के चलते एक-एक बेड पर दो-तीन गर्भवती महिलाओं की व्यवस्था की जा रही है। इसी संदर्भ में बुधवार को डायरेक्टर (एडमिन) एनएचएम डॉ. बीके राजोरा जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए गायनी विभाग, लेबर रूम, एसएनसीयू और वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण भी किया।
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इस दौरान गायनी विभाग एक-एक बेड पर दो-दो मरीज देख उन्होंने तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। यही नहीं, बिना मास्क घूम रहे मरीजों और उनके तीमारदारों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दरअसल, डॉ. राजोरा बुधवार को कुरुक्षेत्र, पलवल और सोनीपत में एमसीएच विंग बनाने की अनुमति मिलने के बाद जिला अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेबर रूम में पार्टीशन बनाने के निर्देश दिए। इस मौके पर उप सिविल सर्जन (एनएचएम) डॉ. रमेश सभ्रवाल, उप सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा सिंह, आरएमओ डॉ. एसएस अरोड़ा, डॉ. नीलम अरोड़ा और सन्नी राणा सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद
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पुरानी बिल्डिंग में 100 बेड की पांच मंजिला बनाने का भेजा हुआ है प्रपोजल
बता दें कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को कंडम घोषित किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने 100 बेड की पांच मंजिला इमारत का प्रपोजल बनाकर भी भेजा था, लेकिन कोरोना की दस्तक के बाद से ही इस प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गए। उधर, अस्पताल की 39 करोड़ की लागत से जो इमारत तैयार हुई है उसमें सिर्फ आपातकाल विभाग, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड और प्राइवेट रूम बनाए गए थे, लेकिन कोविड-19 आने के चलते पुराने 100 बेड की इमारत को आइसोलेशन वार्ड और अब वैक्सीनेशन सेंटर तब्दील करना पड़ा। नई इमारत में ओपीडी से लेकर तमाम कार्यालयों को शिफ्ट किए गए। अब प्राइवेट रूम में ओपीडी चलाई जा रही है।
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