{"_id":"68a6260d8bf820e9ab0f9b0a","slug":"message-given-for-environmental-protection-by-planting-trees-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-140787-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
Thu, 21 Aug 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:16 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय परिसर पौधरोपण करते कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीम
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय परिसर व पुरुष छात्रावास में बुधवार को एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत एनएसएस यूनिट की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान व कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर ने स्वयं पौधे रोपित कर सभी को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों से भी पौधरोपण कराया गया जिससे परिसर हरे-भरे भविष्य की ओर बढ़ा।
कुलपति ने कहा कि पौधे जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। जिस प्रकार मां हमें जीवन देती है, उसी प्रकार पौधे हमें शुद्ध हवा, फल, छाया और जीवनदायिनी ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी शुद्ध हवा मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी मां के नाम पर लगाए गए पौधों को संतान की तरह पालें और उनका संरक्षण करें।
विज्ञापन
कुलपति ने कहा कि पौधे जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। जिस प्रकार मां हमें जीवन देती है, उसी प्रकार पौधे हमें शुद्ध हवा, फल, छाया और जीवनदायिनी ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी शुद्ध हवा मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी मां के नाम पर लगाए गए पौधों को संतान की तरह पालें और उनका संरक्षण करें।
विज्ञापन