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आपदा प्रबंधन में मीडिया मददगार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र व जियोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के आठवें दिन ‘आपदा और संकट संचार: भारतीय मीडिया का एक केस स्टडी’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रथम सत्र के रिसोर्स पर्सन जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि मीडिया आपदाओं के बारे में जनता को शिक्षित करके प्रबंधन में सहायता करता है। इसके साथ ही खतरों की चेतावनी, प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी एकत्र करना और प्रसारित करना भी इसका कार्य है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सही समय पर सही जानकारी की आवश्यकता सदियों से नहीं बदली है। लोगों को आपदा से पहले चेतावनियों की आवश्यकता होती है और उसके बाद, प्रभावितों की संख्या, क्षति, आवश्यक आपूर्ति और कौशल पर डेटा संबंधी जानकारी साझा की जाती तहै। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां मीडिया ने सूचना के व्यापक प्रसार से हजारों लोगों की जान बचाई गई। उन्होंने
उन्होंने कहा कि कैसे वर्तमान में सोशल मीडिया लोगों के बीच गलत सूचना फैला रहा है, जिसका अनुभव हम सभी ने कोरोना महामारी के दौरान भी किया है। सूचना को फैलाने से पहले उसकी पुष्टि करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे कई वेब आधारित एप्लिकेशन हैं जहां हम किसी वीडियो की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकते हैं।
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दूसरे सत्र के रिसोर्स पर्सन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के प्रो. एआर चौधरी, ने पवित्र सरस्वती नदी के बारे में कहा कि इसके इतिहास का वर्णन वेदों में भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पुरातत्व एवं भू वैज्ञानिकों को भी सरस्वती नदी के अहम साक्ष्य मिले हैं। सरस्वती नदी और वेद घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सरस्वती नदी अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र में सरस्वती नदी पर किए जा रहे शोध कार्यों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर रिफ्रेशर कोर्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेश कुमार, डॉ. ओम प्रकाश मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र व जियोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के आठवें दिन ‘आपदा और संकट संचार: भारतीय मीडिया का एक केस स्टडी’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रथम सत्र के रिसोर्स पर्सन जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि मीडिया आपदाओं के बारे में जनता को शिक्षित करके प्रबंधन में सहायता करता है। इसके साथ ही खतरों की चेतावनी, प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी एकत्र करना और प्रसारित करना भी इसका कार्य है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सही समय पर सही जानकारी की आवश्यकता सदियों से नहीं बदली है। लोगों को आपदा से पहले चेतावनियों की आवश्यकता होती है और उसके बाद, प्रभावितों की संख्या, क्षति, आवश्यक आपूर्ति और कौशल पर डेटा संबंधी जानकारी साझा की जाती तहै। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां मीडिया ने सूचना के व्यापक प्रसार से हजारों लोगों की जान बचाई गई। उन्होंने
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उन्होंने कहा कि कैसे वर्तमान में सोशल मीडिया लोगों के बीच गलत सूचना फैला रहा है, जिसका अनुभव हम सभी ने कोरोना महामारी के दौरान भी किया है। सूचना को फैलाने से पहले उसकी पुष्टि करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे कई वेब आधारित एप्लिकेशन हैं जहां हम किसी वीडियो की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकते हैं।
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दूसरे सत्र के रिसोर्स पर्सन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के प्रो. एआर चौधरी, ने पवित्र सरस्वती नदी के बारे में कहा कि इसके इतिहास का वर्णन वेदों में भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पुरातत्व एवं भू वैज्ञानिकों को भी सरस्वती नदी के अहम साक्ष्य मिले हैं। सरस्वती नदी और वेद घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सरस्वती नदी अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र में सरस्वती नदी पर किए जा रहे शोध कार्यों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर रिफ्रेशर कोर्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेश कुमार, डॉ. ओम प्रकाश मौजूद रहे।