{"_id":"665bbccfc3a1bcf10c086b34","slug":"masters-degree-can-be-done-in-environmental-studies-from-ignou-university-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-118939-2024-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: इग्नू विवि से पर्यावरण अध्ययन में की जा सकती है मास्टर डिग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: इग्नू विवि से पर्यावरण अध्ययन में की जा सकती है मास्टर डिग्री
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से इच्छुक विद्यार्थी एमए (पर्यावरण अध्ययन) पाठ्यक्रम कर सकते हैं। पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन वैश्विक घटनाएं है, जहां दुनिया के एक हिस्से में हुई क्रिया दुनिया भर में पारिस्थितिक तंत्र और आबादी को प्रभावित करती है। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का वर्तमान क्षरण पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी, जैव विविधता हानि, आदि के रूप में देखा जाता है।
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डाॅ. धर्म पाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एमए (पर्यावरण अध्ययन) कार्यक्रम एक बहुआयामी और एक अंत:विषय दृष्टिकोण के साथ विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय चिंताओं पर जागरूकता पैदा करना है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप, कार्यक्रम को मॉड्यूलर दृष्टिकोण के साथ पेश किया जा रहा है। अध्ययन के प्रथम वर्ष (पाठ्यक्रम) को पूरा करने के बाद शिक्षार्थी पर्यावरण अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त करने के पात्र होंगे। कार्यक्रम पूरा करने के बाद, शिक्षार्थी भारत और दुनिया भर में पर्यावरण और वातावरण स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम होंगे। पर्यावरणीय गिरावट के वर्तमान संदर्भ और एसडीजी को पूरा करने के लिए भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए, इग्नू ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं को छूने के लिए एमए (पर्यावरण अध्ययन) पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 30 जून तय की गई है।
विज्ञापन
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डाॅ. धर्म पाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एमए (पर्यावरण अध्ययन) कार्यक्रम एक बहुआयामी और एक अंत:विषय दृष्टिकोण के साथ विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय चिंताओं पर जागरूकता पैदा करना है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप, कार्यक्रम को मॉड्यूलर दृष्टिकोण के साथ पेश किया जा रहा है। अध्ययन के प्रथम वर्ष (पाठ्यक्रम) को पूरा करने के बाद शिक्षार्थी पर्यावरण अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त करने के पात्र होंगे। कार्यक्रम पूरा करने के बाद, शिक्षार्थी भारत और दुनिया भर में पर्यावरण और वातावरण स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम होंगे। पर्यावरणीय गिरावट के वर्तमान संदर्भ और एसडीजी को पूरा करने के लिए भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए, इग्नू ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं को छूने के लिए एमए (पर्यावरण अध्ययन) पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 30 जून तय की गई है।
विज्ञापन