{"_id":"665bbe2ed7981bff2b09d754","slug":"markanda-river-dam-not-repaired-again-threat-of-flood-looms-over-shahabad-kurukshetra-news-c-45-1-kur1002-118930-2024-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: मारकंडा नदी के बांध की नहीं की गई मरम्मत, फिर मंडरा रहा शाहाबाद पर बाढ़ का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: मारकंडा नदी के बांध की नहीं की गई मरम्मत, फिर मंडरा रहा शाहाबाद पर बाढ़ का खतरा
विज्ञापन
शाहाबाद। अंबाला क्षेत्र के गांव हेमामाजरा के पास मारकंडा नदी के बांध की मरम्मत नहीं की जा सकी है जिसके चलते पिछले साल की तरह इस बार फिर इस गांव के साथ-साथ शाहाबाद पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारी फिलहाल आचार संहिता का हवाला दे रहे हैं तो वहीं लोगों में अभी से चिंता दिखाई देने लगी है। बाढ़ के एक साल बाद भी अधिकारियों ने अब तक इस पर गंभीरता नहीं दिखाई है। लोगों की माने तो अधिकारी कभी जमीन अधिग्रहण तो कभी अन्य अड़चने बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस वर्ष फरवरी मास में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुई ग्राम सभा की बैठक में किसानों की सहमति के बावजूद आज तक अधिकारी आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए दरकिनार कर रहे हैं।
वर्ष 2023 में जुलाई माह में आई बाढ़ के बाद से इस मुद्दे के साथ प्रमुखता से जुड़े किसान अश्विंदर सिंह के मुताबिक गत फरवरी माह में ग्रामसभा में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के समक्ष इस प्रकल्प का लगभग पूरा मसौदा तैयार हो गया था। उस समय अधिकारियों ने उन्हें निविदा होने के उपरांत 15 दिन में यानि गेहूं की कटाई के बाद तुरंत बांध बनाने की बात कही थी, लेकिन आज तक सवा दो महीने बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया गया। आज भी अधिकारी आचार संहिता का हवाला देते हुए बांध को अक्तूबर-नवंबर तक बनाने की बात कह रहे हैं। अश्विंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मानसिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि बांध बनाने के लिए किसान जमीन देने के लिए आना-कानी कर रहे हैं, जो सही नहीं है। किसानों ने तो सिंचाई विभाग को जमीन देने के लिए शपथ पत्र भी दे दिए हैं।
आचार संहिता के बाद शुरू होगी कार्रवाई : अभियंता
सिंचाई विभाग अंबाला के कार्यकारी अभियंता कृष्ण बुक्कल का कहना है कि बांध के लिए एलाइनमेंट पास कर ली गई है लेकिन आदर्श आचार संहिता के चलते प्रक्रिया रुक गई है। आचार संहिता खत्म होने पर किसानों की सहमति उपरांत नियमानुसार पोर्टल पर किसानों से जमीन खरीद के बाद ही इसके लिए निविदा लगाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2023 में जुलाई माह में आई बाढ़ के बाद से इस मुद्दे के साथ प्रमुखता से जुड़े किसान अश्विंदर सिंह के मुताबिक गत फरवरी माह में ग्रामसभा में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के समक्ष इस प्रकल्प का लगभग पूरा मसौदा तैयार हो गया था। उस समय अधिकारियों ने उन्हें निविदा होने के उपरांत 15 दिन में यानि गेहूं की कटाई के बाद तुरंत बांध बनाने की बात कही थी, लेकिन आज तक सवा दो महीने बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया गया। आज भी अधिकारी आचार संहिता का हवाला देते हुए बांध को अक्तूबर-नवंबर तक बनाने की बात कह रहे हैं। अश्विंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मानसिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि बांध बनाने के लिए किसान जमीन देने के लिए आना-कानी कर रहे हैं, जो सही नहीं है। किसानों ने तो सिंचाई विभाग को जमीन देने के लिए शपथ पत्र भी दे दिए हैं।
विज्ञापन
आचार संहिता के बाद शुरू होगी कार्रवाई : अभियंता
सिंचाई विभाग अंबाला के कार्यकारी अभियंता कृष्ण बुक्कल का कहना है कि बांध के लिए एलाइनमेंट पास कर ली गई है लेकिन आदर्श आचार संहिता के चलते प्रक्रिया रुक गई है। आचार संहिता खत्म होने पर किसानों की सहमति उपरांत नियमानुसार पोर्टल पर किसानों से जमीन खरीद के बाद ही इसके लिए निविदा लगाई जाएगी।
विज्ञापन