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Kurukshetra News: मनजीत देवी कैंटीन चलाकर हर रोज भर रहीं 300 से ज्यादा लोगों का पेट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 01:26 AM IST
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Manjit Devi runs a canteen and feeds more than 300 people every day
कुरुक्षेत्र। मंजीत देवी।
कुरुक्षेत्र। कहा जाता है कि जब हौसला और जुनून हो तो मुश्किल हालात भी पार पाए जा सकते हैं। ऐसा ही कर दिखा रही हैं गांव दयालपुर की रहने वाली मनजीत देवी, जो न केवल महिलाओं के लिए सशक्त होने का उदाहरण बनी हैं बल्कि अनाजमंडी में कैंटीन चलाकर हर रोज 300 से ज्यादा लोगों का पेट भर रही हैं। इसी कैंटीन पर ही वह छह अन्य महिलाओं को रोजगार दिए हुए हैं जबकि उनके साथ करीब 200 महिलाएं जुड़ी हैं।
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मनजीत देवी बताती हैंं कि पति सोहन कुमार राज मिस्त्री का काम करते हैं। कोरोना काल में सब कुछ बंद हो गया था तो पति मजदूरी भी नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में परिवार के समक्ष गुजर बसर करने का संकट खड़ा हो गया था। हालात को देख उसी समय ठान लिया था कि कुछ करना है। सरकार की महिलाओं को सशक्त बनाने की योजनाएं आईं तो हौसला और बढ़ गया। गांव में शुभ लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह का गठन किया जिसमें आज 200 महिलाएं जुड़ी हैं। ये कहीं न कहीं अपने रोजगार से जुड़ चुकी हैं। इसी समूह के जरिये ही अनाज मंडी में कैंटिन खोली गई, जहां उनकी ओर से आज भी महज 10 रुपये में भरपेट खाना खिलाया जा रहा है। हालांकि 25 रुपये की इस डाइट में 15 रुपये सरकार की ओर से सब्सिडी के तौर पर दिए जा रहे हैं। यहां अनाज मंडी में मजदूर ही नहीं बाहर के लोग व अधिकारी तक खाना खाते हैं। इसी कैंटिन पर उन्होंने समूह से जुड़ीं छह महिलाओं को भी रोजगार दिया हुआ है। आज इसी कैंटिन के जरिये ही सभी का बेहतर गुजर बसर चल रहा है। उन्हें आज सुकून है कि वे भी परिवार चलाने में अहम योगदान दे रही हैं। वे हमेशा ही दूसरी महिलाओं को भी इसके प्रति प्रोत्साहित करती रही हैं।
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परिवार ने किया सहयोग

महज 10वीं पास मनजीत बताती हैं कि जहां उन्होंने कुछ करने की ठानी तो परिवार ने भी पूरा सहयोग दिया। शुरुआत में जब कैंटिन खोली तो कई प्रकार की परिस्थितियों का सामना किया। आज हर कोई उनके इस प्रयास की सराहना कर रहा है। उनका कहना है कि कम पढ़ाई होने के चलते उन्हें नौकरी मिलना संभव नहीं था लेकिन आज वे बेहतर रोजगार पर खड़ी हैं।
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