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Haryana: अब 12 जून को कुरुक्षेत्र में किसानों की महारैली, टिकी सबकी निगाहें, पुलिस प्रशासन भी सतर्क
Sat, 10 Jun 2023 10:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 10 Jun 2023 10:50 PM IST
सार
कुरुक्षेत्र के पीपली में रैली होनी है। किसानों ने रैली स्थल को शिफ्ट करने से इंकार कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान डीसी ने बात रखी पर किसान नहीं मानें। अब 12 जून की महारैली पर सबकी निगाहें टिकी हैं। आंदोलनकारी दूसरे प्रदेशों और संगठनों से समर्थन जुटाने में लगे है।
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अनाज मंडी के गेट पर पुलिस द्वारा रखे गए बेरिकेड्स।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सूरजमुखी पर रार फिलहाल थमती नहीं दिख रही है। अब 12 जून को कुरुक्षेत्र के पिपली अनाजमंडी में होने वाली किसान महारैली पर सबकी निगाहें टिक गई है। इससे पहले शनिवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी शांतनु शर्मा से मिला और करीब एक घंटा तक बैठक चली।
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इस दौरान डीसी ने किसानों से रैली को पिपली मंडी की बजाए किसी दूसरी जगह पर करने का आग्रह किया, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हुए। डीसी ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर है और प्रशासन भी लगातार सरकार से संपर्क कर रहा है। डीसी ने किसानों से शांति बनाए रखने की भी अपील की।
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महारैली को सफल बनाने को लेकर किसान गांव-गांव संपर्क साध रहे हैं। वहीं अनेक संगठनों के साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब से भी समर्थन जुटाया जा रहा है। सात जून से ही किसान इसकी तैयारी में जुटे हैं। गत दिवस प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भाकियू के सभी जिलों के अध्यक्षों ने भी गहन रणनीति तैयार की।
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दावा किया जा रहा है कि रैली में किसानों की भारी भीड़ जुटेगी, जिसके चलते पुलिस व जिला प्रशासन भी अलर्ट पर है। इससे पहले किसान आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। साथ जिलों के साथ ही पंजाब और यूपी से भी समर्थन मांगा जा रहा है। कांग्रेस समेत विपक्ष भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए तैयार है। दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन भी आवश्यक तैयारियों में जुटा है।
किसान लठ का मौके पर ही जवाब देने का कर चुके ऐलान
शाहाबाद में लाठीचार्ज से खफा किसान इस बार मौके पर ही जवाब देने का एलान कर चुके हैं। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भी इसे लेकर रणनीति बनाई गई है। इसमें तय किया गया है कि किसान पुलिस बल प्रयोग सहन नहीं करेंगे और एमएसपी से कम कोई सहमति नहीं होगी।
दूसरे जिलों से भी पहुंचेगी फोर्स, डीजीपी को लिखा पत्र
महारैली में किसानों की भारी भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन भी हर हालात से निपटने की रणनीति बना चुका है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ न हो और हर स्थिति से निपटा जा सके। इसके लिए दूसरे जिलों से भी फोर्स तैनात किए जाने की संभावना है। जिला पुलिस की ओर से डीजीपी को पत्र लिखकर अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। हालांकि शनिवार देर रात तक तय नहीं हो पाया था कि कितनी फोर्स तैनात होगी, लेकिन पुलिस विभाग सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर योजना तैयार कर चुका है।
पुलिस छावनी में तब्दील होगी अनाजमंडी, चारों ओर नाकेबंदी
संभावना जताई जा रही है कि महारैली के दौरान पिपली अनाजमंडी पुलिस छावनी में तब्दील होगी तो वहीं अनाजमंडी के चारों ओर नाकेबंदी की जाएगी। इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिले भर से शनिवार को ही पुलिस ने नाकेबंदी के लिए बैरिकेडिंग अनाजमंडी में पहुंचा दी। वहीं खुफिया कर्मी भी उच्चाधिकारियों को किसानों की हर गतिविधि से अवगत करवा रहे हैं।
किसान शांति बनाए रखें : एसपी
एसपी एसएस भौरिया का कहना है कि किसानों को शांति बनाए रखनी चाहिए। रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। किसानों को भी चाहिए कि प्रशासन का सहयोग करें।