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देश-विदेश के फूलों से सजेगा मां भद्रकाली का दरबार
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श्रीदेवी कूप मां भद्रकाली मंदिर को फूलों से सजाता कारीगर। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नवरात्र महोत्सव 26 सितंबर से प्रारंभ होगा और समापन नौ अक्तूबर को होगा। इस बार भी मां भद्रकाली के दरबार को 11 देशों के फूलों व फलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा। इसके लिए एमिल पुष्प शृंगार की 30 सदस्यीय टीम मंदिर परिसर में पहुंच चुकी है, जिसमें मुंबई व बंगाल से आए कारीगर शामिल हैं।
शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि एमिल पुष्प शृंगार की टीम ही मां वैष्णो देवी मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर, कामाख्या , स्वर्ण मंदिर अमृतसर, विंध्यवासिनी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर इत्यादि की भी साज-सज्जा करती है। उन्होंने बताया कि नौ तरह के गुलाब, कमल, कलकत्ता गेंदा, रजनीगंधा, रात की रानी, चमेली इत्यादि के अलावा विदेशी पुष्प जरबेरा, एनथुरियम, ऑर्किड, लिली, बर्ड ऑफ पैराडाइस, ट्यूलिप, डेहलिया, सिलोसिया , हैडरेन्जिया , करनिशियन जैसे फूलों के इंद्रधनुषी रंग माँ के मंदिर में खूब रंगत बिखेरेंगे। इन देसी-विदेशी फूलों की महक मां भद्रकाली के दरबार में चार चांद लगा देगी ।
पीठाध्यक्ष ने बताया कि ये कारीगर दुपट्टों, प्रॉप्स, अस्थायी ढांचे को मिलाकर अलग-अलग फूलों की कलाकृति से मंदिर को सजाएंगे । फूलों से बनी कलाकृतियां मंदिर में भक्तिमय सकारात्मक व खुशनुमा माहौल बनाएगी। कारीगरों से बात करने पर पता चला कि स्वास्तिक, ओम, जय माता दी, कलश, इत्यादि धार्मिक प्रतीकों को पुष्प सज्जा से ही बनाया जाएगा ।
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एमिल पुष्प शृंगार की टीम ने बताया कि इसमें कुछ फूल ऐसे हैं, जो कई महीने तक खिले रहते हैं। पीठाध्यक्ष ने बताया कि इसके साथ ही मंदिर को 11 तरह के फलों से भी सजाया जाएगा, जिसमें मौसमी, संतरा , केला , सेब , अंगूर, पपीता, अनानास, तेजरींन, अनार, ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, वाशिंगटन एप्पल इत्यादि प्रमुख है ।
लगेगा 56 भोग का प्रसाद
पीठाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम नवरात्र पर 56 भोग का प्रसाद मां भद्रकाली को लगाया जाएगा। अष्टमी पर पान के पत्तों से मां का विशेष शृंगार होगा। एमिल लाइट्स की टीम भी दिल्ली से आई है, जो विशिष्ट लेजर लाइट का इस्तेमाल करके मंदिर को भव्यता प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि मां भद्रकाली शक्तिपीठ में शनिवार का दिन विशेष रहता है । इस मौके पर नरेंद्र वालिया, प्रो हेमराज शर्मा, शिमला देवी, शकुंतला रानी, मीना जोशी, देवेंद्र गर्ग, सुनील शर्मा, संजीव मित्तल, हाकम चौधरी, निकुंज शर्मा, सुरजीत कुमार, राहुल कुमार, आशीष दीक्षित, राजेन्द्र कुमार इत्यादि उपस्थित रहे।
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कुरुक्षेत्र। नवरात्र महोत्सव 26 सितंबर से प्रारंभ होगा और समापन नौ अक्तूबर को होगा। इस बार भी मां भद्रकाली के दरबार को 11 देशों के फूलों व फलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा। इसके लिए एमिल पुष्प शृंगार की 30 सदस्यीय टीम मंदिर परिसर में पहुंच चुकी है, जिसमें मुंबई व बंगाल से आए कारीगर शामिल हैं।
शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि एमिल पुष्प शृंगार की टीम ही मां वैष्णो देवी मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर, कामाख्या , स्वर्ण मंदिर अमृतसर, विंध्यवासिनी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर इत्यादि की भी साज-सज्जा करती है। उन्होंने बताया कि नौ तरह के गुलाब, कमल, कलकत्ता गेंदा, रजनीगंधा, रात की रानी, चमेली इत्यादि के अलावा विदेशी पुष्प जरबेरा, एनथुरियम, ऑर्किड, लिली, बर्ड ऑफ पैराडाइस, ट्यूलिप, डेहलिया, सिलोसिया , हैडरेन्जिया , करनिशियन जैसे फूलों के इंद्रधनुषी रंग माँ के मंदिर में खूब रंगत बिखेरेंगे। इन देसी-विदेशी फूलों की महक मां भद्रकाली के दरबार में चार चांद लगा देगी ।
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पीठाध्यक्ष ने बताया कि ये कारीगर दुपट्टों, प्रॉप्स, अस्थायी ढांचे को मिलाकर अलग-अलग फूलों की कलाकृति से मंदिर को सजाएंगे । फूलों से बनी कलाकृतियां मंदिर में भक्तिमय सकारात्मक व खुशनुमा माहौल बनाएगी। कारीगरों से बात करने पर पता चला कि स्वास्तिक, ओम, जय माता दी, कलश, इत्यादि धार्मिक प्रतीकों को पुष्प सज्जा से ही बनाया जाएगा ।
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एमिल पुष्प शृंगार की टीम ने बताया कि इसमें कुछ फूल ऐसे हैं, जो कई महीने तक खिले रहते हैं। पीठाध्यक्ष ने बताया कि इसके साथ ही मंदिर को 11 तरह के फलों से भी सजाया जाएगा, जिसमें मौसमी, संतरा , केला , सेब , अंगूर, पपीता, अनानास, तेजरींन, अनार, ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, वाशिंगटन एप्पल इत्यादि प्रमुख है ।
लगेगा 56 भोग का प्रसाद
पीठाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम नवरात्र पर 56 भोग का प्रसाद मां भद्रकाली को लगाया जाएगा। अष्टमी पर पान के पत्तों से मां का विशेष शृंगार होगा। एमिल लाइट्स की टीम भी दिल्ली से आई है, जो विशिष्ट लेजर लाइट का इस्तेमाल करके मंदिर को भव्यता प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि मां भद्रकाली शक्तिपीठ में शनिवार का दिन विशेष रहता है । इस मौके पर नरेंद्र वालिया, प्रो हेमराज शर्मा, शिमला देवी, शकुंतला रानी, मीना जोशी, देवेंद्र गर्ग, सुनील शर्मा, संजीव मित्तल, हाकम चौधरी, निकुंज शर्मा, सुरजीत कुमार, राहुल कुमार, आशीष दीक्षित, राजेन्द्र कुमार इत्यादि उपस्थित रहे।