{"_id":"630686cc3e2b7275c91c11a0","slug":"lockout-of-salpani-kalan-school-then-demonstration-outside-pratapgarh-and-kalsana-school-kurukshetra-news-knl118868896","type":"story","status":"publish","title_hn":"सलपानी कलां स्कूल की तालाबंदी तो प्रतापगढ़ व कलसाना स्कूल के बाहर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सलपानी कलां स्कूल की तालाबंदी तो प्रतापगढ़ व कलसाना स्कूल के बाहर प्रदर्शन
विज्ञापन
सरकारी मिडिल स्कूल बंद करने का फरमान और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर लोग सड़कों पर उतरे हैं। इसे लेकर शिक्षक, सामाजिक व राजनैतिक संगठन भी लोगों के समर्थन में आ आए हैं। कहीं स्कूलों के बाहर धरना दिया जा रहा तो कहीं स्कूलों पर तालाबंदी की जा रही है। बुधवार को भी जिले में विभिन्न संगठनों सहित लोगों ने स्कूलों के बाहर विरोध प्रदर्शन किए।
पंजाबी भाषा के शिक्षक का पद खत्म करने के विरोध में गांव सलपानी कलां के सरकारी स्कूल पर तालाबंदी की गई। वहीं मिडिल स्कूल बंद करने के फरमान पर गांव प्रतापगढ़ के सरकारी स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। उधर, कठवा, तंगौर, मुगल माजरा व कलसाना गांवों के लोगों ने शिक्षकों के अभाव के चलते कलसाना स्कूल के बाहर धरना दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी अगर जल्द ही शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो 11 सितंबर को स्कूल पर तालाबंदी की जाएगी।
गांव कठवा, तंगौर, मुगल माजरा व कलसाना गांव के अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होता देखकर कलसाना के सरकारी स्कूल के सामने साइंस व कॉमर्स विषयों की शिक्षा देना, स्कूल में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कठवा के पूर्व सरपंच अमरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि 10 सितंबर तक उनके गांव के सरकारी स्कूल में सभी विषयों की शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई तथा रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो 11 सितंबर को स्कूल पर ताला जड़कर लघु सचिवालय में धरना देंगे। इस स्कूल में आठ गांवों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।
विज्ञापन
हरियाणा में पंजाबी भाषा के अस्तित्व की लड़ाई के लिए विद्यार्थी, अभिभावक व शिरोमणि अकाली दल (हरियाणा) ने सलपानी कलां के सरकारी स्कूल के गेट पर जड़ा ताला जड़ दिया। कंवलजीत अजराना ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में सरकार पंजाबी भाषा के शिक्षकों का पद खत्म कर रही है। सलपानी कलां स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के 72 में 47 विद्यार्थी पंजाबी भाषा पढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रांसफर ड्राइव में यहां पंजाबी पढ़ा रहे शिक्षक के जाने से पंजाबी के शिक्षक का पद ही खत्म कर दिया जाएगा। सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो सभी स्कूलों पर तालाबंदी की जाएगी।
छात्र युवा संघर्ष समिति ने मिडिल स्कूल बंद करने के फरमान पर गांव प्रतापगढ़ में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ मिलकर विरोध जताया। सीवाईएसएस से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अध्यक्ष भारत बराड़ ने कहा कि सरकार स्कूलों का आधुनिकीकरण व अपग्रेड करने की बजाय स्कूलों को बंद कर रही है। सरकार की मंशा शिक्षा और स्कूलों का निजीकरण करना है। इस मौके पर प्रदीप सैनी, नरेश कुमार, राम, सुशील नरवाल, खुशीराम, सुरेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
जिले के 14 मिडिल स्कूलों पर बंदी की तलवार
उधर, सरकार के 105 सरकारी मिडिल स्कूल बंद करने का फरमान के बाद जिले के 14 मिडिल स्कूलों पर तलवार लटक गई है। विभिन्न संगठन न केवल इसका विरोध कर रहे हैं बल्कि इसे फरमान को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं। वहीं राजनैतिक दल इसे सरकार की शिक्षा विरोधी नीति बताकर प्रदर्शन कर रहे है है। इसमें जिले के 14 मिडिल स्कूल जीएमएस झींझरपुर, ईशरगढ़, मसाना, झिंवरहड़ी, यारी, छोरपुर, अटवान, डाडलू, जोगीमाजरा, शेरगढ़, सैंसा, प्लाट नंबर पांच बाखली, कालीरोनो व मरचेहड़ी का जीएमएस मिडिल स्कूूल शामिल है। इन 14 मिडिल स्कूलों में वर्तमान में 244 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बाक्स
जिले में 184 मिडिल स्कूल
जिलेभर में 184 सरकारी मिडिल स्कूल हैं। इन स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक 23147 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें छठी कक्षा के सबसे अधिक 8201 विद्यार्थी हैं। सातवीं में 7601 और आठवीं में 7345 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार के फरमान के बाद 14 मिडिल स्कूल बंद होने के बाद जिले में मिडिल स्कूलों की संख्या 170 रह जाएगी।
बाक्स
अभी बंद नहीं होंगे स्कूल : गागट
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट का कहना है कि अभी जिले का कोई स्कूल बंद नहीं हो रहा है। जिन स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी हुआ है, उसे तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में विलय किया जाएगा। वहीं सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन करने वाले लोगों को समझाया जाए। इसके लिए गांवों जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
पंजाबी भाषा के शिक्षक का पद खत्म करने के विरोध में गांव सलपानी कलां के सरकारी स्कूल पर तालाबंदी की गई। वहीं मिडिल स्कूल बंद करने के फरमान पर गांव प्रतापगढ़ के सरकारी स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। उधर, कठवा, तंगौर, मुगल माजरा व कलसाना गांवों के लोगों ने शिक्षकों के अभाव के चलते कलसाना स्कूल के बाहर धरना दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी अगर जल्द ही शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो 11 सितंबर को स्कूल पर तालाबंदी की जाएगी।
विज्ञापन
गांव कठवा, तंगौर, मुगल माजरा व कलसाना गांव के अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होता देखकर कलसाना के सरकारी स्कूल के सामने साइंस व कॉमर्स विषयों की शिक्षा देना, स्कूल में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कठवा के पूर्व सरपंच अमरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि 10 सितंबर तक उनके गांव के सरकारी स्कूल में सभी विषयों की शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई तथा रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो 11 सितंबर को स्कूल पर ताला जड़कर लघु सचिवालय में धरना देंगे। इस स्कूल में आठ गांवों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।
विज्ञापन
हरियाणा में पंजाबी भाषा के अस्तित्व की लड़ाई के लिए विद्यार्थी, अभिभावक व शिरोमणि अकाली दल (हरियाणा) ने सलपानी कलां के सरकारी स्कूल के गेट पर जड़ा ताला जड़ दिया। कंवलजीत अजराना ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में सरकार पंजाबी भाषा के शिक्षकों का पद खत्म कर रही है। सलपानी कलां स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के 72 में 47 विद्यार्थी पंजाबी भाषा पढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रांसफर ड्राइव में यहां पंजाबी पढ़ा रहे शिक्षक के जाने से पंजाबी के शिक्षक का पद ही खत्म कर दिया जाएगा। सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो सभी स्कूलों पर तालाबंदी की जाएगी।
छात्र युवा संघर्ष समिति ने मिडिल स्कूल बंद करने के फरमान पर गांव प्रतापगढ़ में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ मिलकर विरोध जताया। सीवाईएसएस से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अध्यक्ष भारत बराड़ ने कहा कि सरकार स्कूलों का आधुनिकीकरण व अपग्रेड करने की बजाय स्कूलों को बंद कर रही है। सरकार की मंशा शिक्षा और स्कूलों का निजीकरण करना है। इस मौके पर प्रदीप सैनी, नरेश कुमार, राम, सुशील नरवाल, खुशीराम, सुरेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
जिले के 14 मिडिल स्कूलों पर बंदी की तलवार
उधर, सरकार के 105 सरकारी मिडिल स्कूल बंद करने का फरमान के बाद जिले के 14 मिडिल स्कूलों पर तलवार लटक गई है। विभिन्न संगठन न केवल इसका विरोध कर रहे हैं बल्कि इसे फरमान को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं। वहीं राजनैतिक दल इसे सरकार की शिक्षा विरोधी नीति बताकर प्रदर्शन कर रहे है है। इसमें जिले के 14 मिडिल स्कूल जीएमएस झींझरपुर, ईशरगढ़, मसाना, झिंवरहड़ी, यारी, छोरपुर, अटवान, डाडलू, जोगीमाजरा, शेरगढ़, सैंसा, प्लाट नंबर पांच बाखली, कालीरोनो व मरचेहड़ी का जीएमएस मिडिल स्कूूल शामिल है। इन 14 मिडिल स्कूलों में वर्तमान में 244 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बाक्स
जिले में 184 मिडिल स्कूल
जिलेभर में 184 सरकारी मिडिल स्कूल हैं। इन स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक 23147 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें छठी कक्षा के सबसे अधिक 8201 विद्यार्थी हैं। सातवीं में 7601 और आठवीं में 7345 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार के फरमान के बाद 14 मिडिल स्कूल बंद होने के बाद जिले में मिडिल स्कूलों की संख्या 170 रह जाएगी।
बाक्स
अभी बंद नहीं होंगे स्कूल : गागट
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट का कहना है कि अभी जिले का कोई स्कूल बंद नहीं हो रहा है। जिन स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी हुआ है, उसे तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में विलय किया जाएगा। वहीं सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन करने वाले लोगों को समझाया जाए। इसके लिए गांवों जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।