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Kurukshetra News: एलएनजेपी अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़, नहीं हो रहे बायोलॉजी और सीबीसी टेस्ट

Sat, 06 Sep 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 06 Sep 2025 12:19 AM IST
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LNJP hospital is playing with the lives of patients, biology and CBC tests are not being done
कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल की लैब में जांच कराने के लिए इंतजार में बैठे मरीज। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में पिछले करीब 15 दिनों से जिला अस्पताल की लैब में खून संबंधी जांच पूरी तरह से ठप है। इससे न केवल मरीज परेशान हैं, बल्कि चिकित्सकों को भी बिना जांच के दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
अस्पताल की लैब में शुक्रवार को बायोलॉजी के 130 और सीबीसी के 180 लोग जांच के लिए पहुंचे थे, जिन्हें निराशा झेलनी पड़ी। कर्मचारियों के पास खून संबंधी जांच के लिए आवश्यक सामान ही नहीं है। ऐसे में वे चाहकर भी मरीजों की जांच नहीं कर पा रहे। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद थके-हारे मरीज जब लैब पहुंचते हैं तो उन्हें सैंपल देने के बावजूद जांच पूरी नहीं होने की निराशा झेलनी पड़ रही है।
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अस्पताल में जांच न होने से मरीजों को बाहर प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग अपनी जेब ढीली कर जांच करा रहे हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर मरीज परीक्षण न करा पाने के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चिकित्सक भी ऐसे मरीजों को देखते हुए बिना जांचे ही दवाएं लिख रहे हैं, जिससे इलाज की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना हजारों मरीजों पर असर डालने वाली इस समस्या के समाधान में देरी प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है। मरीज अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही लैब में पूरी जांचें शुरू होंगी और उन्हें राहत मिलेगी।
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रोजाना 1600 से ज्यादा होते थे टेस्ट
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1800 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से लगभग 300 मरीजों की खून संबंधी जांच लिखी जाती है। सामान्य दिनों में अस्पताल की लैब में करीब 200 मरीजों के 1600 से अधिक टेस्ट रोजाना हो जाते थे। लेकिन पिछले 15 दिनों से सामान की कमी के कारण यह सिलसिला थम गया है।

मरीज की जांच के लिए दो दिन से काट रहा चक्कर
मुकेश कुमार ने बताया कि वह अपने मरीज की जांच के लिए दो दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर रोज लैब कर्मचारी उन्हें कल आना कहकर टाल देते हैं। आखिरकार बिना खून की जांच कराए ही दवा लेनी पड़ी। यह हाल अकेले उनका नहीं, बल्कि सैकड़ों मरीजों का है।
अपने अनुभव के अनुसार लिख सकता है चिकित्सक दवा : डॉ. साराह
जिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साराह अग्रवाल का कहना है कि लैब में मरीजों के अधिकतर सैंपल हो रहे हैं। सीबीसी की जांच नहीं हो रही। ऐसे में चिकित्सक अपने अनुभव के अनुसार मरीज की चार से पांच दिन की दवा लिख सकता है।


मशीनों का सामान पहुंचा : डॉ विनोद
लैब इंचार्ज डॉ. विनोद तंवर ने बताया कि कुछ मशीनों का सामान पहुंच गया है, जिससे लैब में आंशिक रूप से जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि बायोलॉजी और सीबीसी टेस्ट के लिए आवश्यक उपकरणों की डिमांड भेज दी गई है। जैसे ही सामान उपलब्ध होगा, सभी जांचें सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।
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