कुरुक्षेत्र। सेक्टर-8 में श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में भागवत प्रवक्ता कथावाचक अनिल शास्त्री ने भागवत प्रसंग की शुरुआत भागवत के प्रथम श्लोक से की। कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा कि भागवत के प्रथम श्लोक में भगवान को प्रणाम किया गया है, उनके स्वभाव और उनकी लीलाओं का वर्णन किया गया है। भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर व युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचाता रहा है। भागवतपुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। अनिल शास्त्री ने बताया कि सबसे पहले शुकदेव ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी, उन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था। श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। इस अवसर पर भाजपा नेता सुशील चित्रा (संरक्षक हरियाणा बैरागी सभा) पंडित पुरुषोत्तम शर्मा, गीता शर्मा, सुषमा देवी व अन्य मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। कथा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ पंडित अनिल शास्त्री। स्वयं- फोटो : credit