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Kurukshetra News: एलएनजेपी अस्पताल में लिफ्ट बंद<bha>;</bha> रैंप से ले जाने पड़ रहे मरीज
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में लिफ्ट के बंद होने के बाद मरीज को रैंप के रास्ते चौथी मंजिल पर
कुरुक्षेत्र। बिजली संकट का असर अब एलएनजेपी नागरिक अस्पताल की व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्पताल में लिफ्ट बंद हैं और इमरजेंसी, बीमार, बच्चे, बुजुर्गों मरीजों को रैंप के सहारे ऊपर की मंजिलों तक ले जाना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी थी कि स्ट्रेचर पर पड़े मरीज को रैंप से ले जाने के लिए चार-चार आदमी भी कम पड़ रहे थे। मरीज को ऐसे ले जाते तीमारदार व्यवस्था की बदहाली बयां करते नजर आए।
दूसरी ओर, पानी की कमी ने मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ा दी है। अस्पताल में पानी की किल्लत भी गंभीर बनी हुई है। महिला वार्ड में पानी नहीं होने के कारण शौचालय बंद करना पड़ा, जबकि पुरुष वार्ड के शौचालयों में भी पानी की कमी से दुर्गंध की समस्या सामने आई। पीने के पानी के लिए मरीजों और तीमारदारों को बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ीं। ओपीडी में भी पानी की कमी बर्तन धोने से लेकर पीने तक के लिए पानी उपलब्ध न होने के कारण चारों तरफ अव्यवस्था का आलम दिखाई दिया।
हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने पानी के टैंकर मंगवाने के लिए ऑर्डर दिए। साथ ही कुछ देर के लिए मुख्य जनरेटर बंद कर पानी के लिए जनरेटर चलाना पड़ा, मगर तब भी पानी की किल्लत दूर नहीं हुई। अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण बीते 24 घंटे से भी ज्यादा से जनरेटर के सहारे काम चलाया जा रहा है। लगातार संचालन के बीच जनरेटर भी जवाब देने लगा और अस्पताल में चार बार ब्लैकआउट हुआ। गनीमत रही कि ब्लैक-आउट के दौरान किसी भी प्रकार की कोई इमरजेंसी मरीज, ऑपरेशन आदि नहीं था। हालांकि ओपीडी चलती रही।
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प्रसव वार्ड में दिखा असर
प्रसव वार्ड में भी बिजली संकट का असर दिखाई दिया। डिलीवरी के लिए आई महिलाएं और उनके परिजन परेशान रहे। थानेसर से बहू को लेकर अस्पताल पहुंची शांति देवी ने बताया कि उनकी बहू की आज डिलीवरी होनी है। उन्हें चिंता सता रही है कि अगर डिलीवरी के समय बिजली चली गई तो परेशानी बढ़ सकती है।
वहीं, निशा ने बताया कि उनकी बहन की डिलीवरी हो चुकी है, लेकिन अस्पताल में पीने के पानी और अन्य सुविधाओं की कमी है। उनकी बहन वार्ड में भर्ती है, जहां काफी देर बाद पानी आया। ऐसे में बिजली और पानी की समस्या के कारण मरीजों के साथ आए परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बॉक्स
पीएमओ डॉ. मेजपाल ने कहा कि जनरेटर के लिए तेल सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की हुई हैं। पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जनरेटर के माध्यम से अस्पताल की पानी की टंकियां भी भरवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि महिला शौचालय बंद होने की जानकारी मिलने पर उसे तुरंत खुलवाने के आदेश दिए गए, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो। उनका कहना है कि अस्पताल में बिजली संकट से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।
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दूसरी ओर, पानी की कमी ने मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ा दी है। अस्पताल में पानी की किल्लत भी गंभीर बनी हुई है। महिला वार्ड में पानी नहीं होने के कारण शौचालय बंद करना पड़ा, जबकि पुरुष वार्ड के शौचालयों में भी पानी की कमी से दुर्गंध की समस्या सामने आई। पीने के पानी के लिए मरीजों और तीमारदारों को बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ीं। ओपीडी में भी पानी की कमी बर्तन धोने से लेकर पीने तक के लिए पानी उपलब्ध न होने के कारण चारों तरफ अव्यवस्था का आलम दिखाई दिया।
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हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने पानी के टैंकर मंगवाने के लिए ऑर्डर दिए। साथ ही कुछ देर के लिए मुख्य जनरेटर बंद कर पानी के लिए जनरेटर चलाना पड़ा, मगर तब भी पानी की किल्लत दूर नहीं हुई। अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण बीते 24 घंटे से भी ज्यादा से जनरेटर के सहारे काम चलाया जा रहा है। लगातार संचालन के बीच जनरेटर भी जवाब देने लगा और अस्पताल में चार बार ब्लैकआउट हुआ। गनीमत रही कि ब्लैक-आउट के दौरान किसी भी प्रकार की कोई इमरजेंसी मरीज, ऑपरेशन आदि नहीं था। हालांकि ओपीडी चलती रही।
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प्रसव वार्ड में दिखा असर
प्रसव वार्ड में भी बिजली संकट का असर दिखाई दिया। डिलीवरी के लिए आई महिलाएं और उनके परिजन परेशान रहे। थानेसर से बहू को लेकर अस्पताल पहुंची शांति देवी ने बताया कि उनकी बहू की आज डिलीवरी होनी है। उन्हें चिंता सता रही है कि अगर डिलीवरी के समय बिजली चली गई तो परेशानी बढ़ सकती है।
वहीं, निशा ने बताया कि उनकी बहन की डिलीवरी हो चुकी है, लेकिन अस्पताल में पीने के पानी और अन्य सुविधाओं की कमी है। उनकी बहन वार्ड में भर्ती है, जहां काफी देर बाद पानी आया। ऐसे में बिजली और पानी की समस्या के कारण मरीजों के साथ आए परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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पीएमओ डॉ. मेजपाल ने कहा कि जनरेटर के लिए तेल सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की हुई हैं। पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जनरेटर के माध्यम से अस्पताल की पानी की टंकियां भी भरवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि महिला शौचालय बंद होने की जानकारी मिलने पर उसे तुरंत खुलवाने के आदेश दिए गए, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो। उनका कहना है कि अस्पताल में बिजली संकट से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में लिफ्ट के बंद होने के बाद मरीज को रैंप के रास्ते चौथी मंजिल पर