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Kurukshetra News: लीगल एड डिफेंस काउंसिल व्यवस्था के विरोध वकीलों ने ठप रखा काम

Tue, 21 Jul 2026 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 21 Jul 2026 06:02 AM IST
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Lawyers halted work in protest against the Legal Aid Defense Counsel system.
कुरुक्षेत्र। वर्क सस्पेंड के दौरान अदालत के गेट पर बैठ बार प्रधान धर्मेंद्र अत्री व अन्य वकील।
कुरुक्षेत्र। लीगल एड डिफेंस और डिफेंस काउंसिल व्यवस्था के विरोध में जिला अदालत में सोमवार को वकीलों ने काम ठप रखा। इससे करीब 1500 मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई।मंगलवार को भी वकीलों अदालत से जुड़ा कोई कार्य नहीं करेंगे। इस दौरान बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखते हुए मांग की कि लीगल एड और डिफेंस के मामलों में नए वकीलों को भी अवसर दिया जाना चाहिए।
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वकीलों के काम बंद रखने से जिला अदालत में दूर-दराज से पहुंचे पक्षकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बार एसोसिएशन ने सुनवाई के लिए अदालत जाने वाले अधिवक्ताओं पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय लिया था। विरोध के दौरान जिला अदालत परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए बार पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला। कोर्ट परिसर का पुराने चेंबरों की ओर बने गेट को बंद रखा गया, जबकि दूसरे गेट से आवाजाही जारी रही व बार के प्रधान धर्मेंद्र अत्री खुद गेट पर मोर्चा संभाले खड़े रहे।
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बार प्रधान का कहना है कि लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में स्थानीय और नए अधिवक्ताओं को भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में नए वकीलों को मौका मिलता था। वह उसमें वकीलों को एक बार अपना पंजीकरण करने की जरूरत होती थी। परंतु अब ऐसा नहीं है। डीएलएसए ने अपने कुछ वकीलों का एक पैनल बना दिया, जिन्हें ही यह मामले मिलेंगे। इससे नए वकीलों को तो काम न मिलने का खतरा बड़ ही गया है। इसके साथ ही यह सेवा भी कमजोर होगी। इस कानून के तहत चार पांच वकीलों को ही काम मिलेगा व पूरे डीएलएसए के तहत दिए जाने वाले केसों की सुनवाई उन पर आने से यह सेवा भी प्रभावित होगी व पीड़ितों को न्याय मिलने में देर होगी। प्रधान ने कहा कि अगर एक बार सिर्फ दो दिन के वर्क सस्पेंड किया गया है। अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संवाद
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