फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Last farewell given to Reena and both children on the same pyre

Kurukshetra News: एक ही चिता पर रीना और दोनों बच्चों को दी गई अंतिम विदाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Dec 2023 02:41 AM IST
विज्ञापन
Last farewell given to Reena and both children on the same pyre
कुरुक्षेत्र। शांति नगर गांव में पत्नी और बच्चों को जहर देकर मारने की घटना धर्मनगरी के आसपास गांव के लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। लोग घटना की निंदा करते रहे। उधर, शांतिनगर गांव में हुई इस घटना ने शांति नगर के लोगों का चेन छीन लिया। गांव निवासी राकेश ने विदेश जाने की चाह में अपनी पत्नी सहित दो बच्चों की जहर देकर हत्या कर दी, इसके साथ ही आरोपी ने फंदा लगाकर खुद आत्महत्या करने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। आरोपी राकेश की पत्नी रीना, बेटी जिया और डेढ़ साल के बच्चे क्रियांस की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। आरोपी राकेश का करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद रीना और उसके दोनों बच्चों को एक ही चिता पर लोगों ने नम आंखों से विदाई दी।
विज्ञापन

गांव के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा कि उनके गांव में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया है। उनका कहना है कि उनके गांव में कभी कभार ही कोई झगड़ा होता होगा, मगर वीरवार सुबह साढ़े सात बजे हुए इस हत्याकांड ने तो पूरे गांव को कलंक लगा दिया है। राकेश का परिवार किसी के साथ ऊंची आवाज में भी बात नहीं करता है। राकेश और श्याम लाल दोनों भाई नौकरी करते हैं। परिवार के पास करीब पांच एकड़ जमीन भी है, जिससे उनका गुजारा बेहद अच्छे ढंग से हो रहा था।
विज्ञापन

परिजनों ने बताया कि राकेश ने पहले गांव में ही सीएससी सेंटर खोला हुआ था। उसके बाद से राकेश शंभू टोल प्लाजा पर लगा हुआ था। हालांकि कुछ दिन पहले ही उसने यह नौकरी छोड़ दी थी और अभी वह घर पर ही था। राकेश पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। रात को पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। सुबह साढ़े सात बजे तक कमरे से कोई बाहर नहीं आया तो उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। धक्का मारकर दरवाजा खोला तो राकेश फंदे पर लटका हुआ था। उनको अभी तक समझ नहीं आ रहा कि राकेश ने इस तरह की वारदात को क्यों अंजाम दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



70 साल में गांव में कभी नहीं हुई इस तरह की वारदात : वेद प्रकाश
गांव के पंच एवं राकेश के पड़ोसी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने 70 साल में अपने गांव में इस तरह की कोई घटना न हुई और न हीं सुनी थी। यकीन करना मुश्किल है कि राकेश ने अपनी घरवाली और बच्चों की हत्या कर दी। सुबह साढ़े सात बजे वह राकेश के घर गया तो वह मंजर बेहद की दर्दनाक था। भगवान करे ऐसा किसी दुश्मन के साथ भी न हो।

राकेश का फंदा काटकर उतारा नीचे : माया चंद
राकेश के चाचा मायाचंद ने बताया कि सुबह जैसे ही उसे राकेश के घर से शोर सुनाई दिया वह मौके पर पहुंचा। राकेश अपने कमरे में बंद था। उन्होंने जोरदार धक्का देकर दरवाजा खोला तो राकेश कपड़े के सहारे फंदा पर लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत कपड़े को काटकर उसे नीचे उतारा। वहीं रीना और बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। यह मंजर उनसे देखा नहीं गया।


एक साथ किया संस्कार
रीना और दोनों बच्चों को अंतिम विदाई देने आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे। रीना और बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। सबकी जुबां पर एक ही बात थी कि ऐसा मंजर किसी दुश्मन को भी न देखना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed