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धनानी में गऊचरांद की जमीन में खड़े पुरानें जंगल को काटने को लेकर दो पक्षों में तनाव
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थाना बाबैन के गांव धनानी में 100 साल से अधिक पुराने 20 एकड़ से अधिक जमीन में फैले जंगल को कुछ लोगों द्वारा जेसीबी से तहस नहस करने को लेकर दो पक्षों में भारी तनाव का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों में उपजे टकराव को रोकने के लिए जेसीबी और लोगों को वहां से हटा दिया है। यह जंगल गांव बसने से पहले का ही है, जिसमें तरह-तरह के पुराने पेड़ों के अलावा शीशम जैसे कीमती पेड़ भी खडे़ थे।
इस जमीन पर पेड़ काट रहे गांव धनानी के गुरनाम सिंह गिरधारी लाल, रोशन लाल और ज्वाला राम आदि का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों ने खरीदी थी जो उनकी अपनी जमीन है। उन्होंने कहा कि इस जमीन पंचायत पर 1988 में ग्राम पंचायत ने भी न्यायालय से भी केस डाला था, जिसमें भी उनकी ही जीत हुई थी। उन्होंने कहा कि अब हम अपनी जमीन को काश्त करने योग्य बना रहे हैं इसलिए उन्होंने इस जमीन में खड़े पेड़ों को काटना शुरू किया है, ताकि उस पर काश्त की जा सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है और अपनी जमीन पर सभी को काश्त करने का सभी को हक है। दूसरी और गांव के जयपाल, राजीव, राहुल, बलबीरा, जरनैल, सूरजभान, बलदेव सिंह, बीर कुमार, कंवरपाल, गुरसेव सिंह, गगनदीप सिंह, गुरमीत सिंह और अन्य का कहना है कि जब से गांव बसा है तभी से यह जमीन गऊचरांद की है, जिसमें पुराने समय से ही पेड़ पौधे खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब कुछ लोग गांव की पुरानी धरोहर इस जंगल को गलत तरीके से काट रहे है।
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इस जमीन पर पेड़ काट रहे गांव धनानी के गुरनाम सिंह गिरधारी लाल, रोशन लाल और ज्वाला राम आदि का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों ने खरीदी थी जो उनकी अपनी जमीन है। उन्होंने कहा कि इस जमीन पंचायत पर 1988 में ग्राम पंचायत ने भी न्यायालय से भी केस डाला था, जिसमें भी उनकी ही जीत हुई थी। उन्होंने कहा कि अब हम अपनी जमीन को काश्त करने योग्य बना रहे हैं इसलिए उन्होंने इस जमीन में खड़े पेड़ों को काटना शुरू किया है, ताकि उस पर काश्त की जा सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है और अपनी जमीन पर सभी को काश्त करने का सभी को हक है। दूसरी और गांव के जयपाल, राजीव, राहुल, बलबीरा, जरनैल, सूरजभान, बलदेव सिंह, बीर कुमार, कंवरपाल, गुरसेव सिंह, गगनदीप सिंह, गुरमीत सिंह और अन्य का कहना है कि जब से गांव बसा है तभी से यह जमीन गऊचरांद की है, जिसमें पुराने समय से ही पेड़ पौधे खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब कुछ लोग गांव की पुरानी धरोहर इस जंगल को गलत तरीके से काट रहे है।
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