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Kurukshetra News: बढ़ाम की लक्ष्मी ने रसोई उद्यान से दिखाई महिलाओं को नई राह
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कुरुक्षेत्र। अपने रसोई उद्यान में लगाई सब्जियां व मसाले दिखाते हुए। संवाद
- फोटो : Archive
कुरुक्षेत्र। हरिपुर बढ़ाम गांव की लक्ष्मी देवी ने रसोई उद्यान से प्राकृतिक सब्जियों और फलों को तैयार कर नई पहचान बनाई है। वे गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से ही आज गांव की सैकड़ों महिलाएं हर साल हजारों रुपये की बचत भी कर रही हैं।
लक्ष्मी देवी के साथ-साथ ये महिलाएं अब अपनी ही रसोई उद्यान में सब्जियां व फल उगा रही हैं और केमिकल युक्त फल व सब्जियां खाने से भी बच रही हैं। इससे परिवार की सेहत भी बेहतर होती है और अनेक बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।
12वीं तक पढ़ी लिखी लक्ष्मी देवी बताती हैं कि वे कई वर्षों से रसोई उद्यान कर रही हैं। हालांकि पहले उनकी कोई रुचि नहीं थी लेकिन जैसे ही वह कृषि विज्ञान केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक गृह विज्ञान एवं जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. ललिता के संपर्क में आईं तो वहां वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कविता सहित अन्य वैज्ञानिकों ने प्रोत्साहित किया और उन्हें प्राकृतिक खेती के गुर भी सिखाए।
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इसके बाद उन्होंने अपने खेत के ही एक कोने में यह प्रयोग किया और परिणाम देख आगे भी इसे जारी रखने का हौसला मिला। इसके बाद फल और सब्जियों के लिए बाजार जाना ही छूट गया और हर साल इस पर खर्च किए जाने वाले हजारों रुपये की बचत भी होने लगी। उन्होंने अपने आसपास से लेकर गांव की सैकड़ों महिलाओं को आईसीआर की इस मुहिम से जोड़ते हुए रसोई उद्यान की ओर प्रशिक्षित किया। आज गांव की अधिकतर महिलाएं अपनी रसोई उद्यान से उगाई सब्जियां व फल ही घरों में उपयोग में लाती हैं। यहां तक कि कई महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक रूप से तैयार की जाने वाली ये सब्जियां व फल बाजार में भी बेचने लगी हैं, जिनका उचित दाम भी मिल रहा है।
सात लोगों के परिवार की उठाई जिम्मेदारी
लक्ष्मी देवी बताती हैं कि रसोई उद्यान में उनके पति परवीन कुमार के अलावा परिवार के हर सदस्य का सहयोग रहता है। आज वे इसके जरिये परिवार के सात लोगों की जिम्मेदारी उठाए हुए हैं। वे अपनी रसोई उद्यान में विभिन्न प्रकार की सब्जियों के अलावा आम, अमरूद, नींबू सहित अनेक फलों का भी उत्पादन कर रही हैं।
हर मौसम के फल व सब्जियां रहते हैं तैयार : डॉ. ललिता
केवीके वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ललिता बताती हैं कि लक्ष्मी के अलावा गांव की अनेक महिलाएं रसोई उद्यान की ओर बढ़ी हैं। अनेक महिलाओं ने घरों की छतों पर भी यह उद्यान बनाया हुआ है। केंद्र की ओर से इसके लिए बीज भी वितरित किए जाते हैं और समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
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लक्ष्मी देवी के साथ-साथ ये महिलाएं अब अपनी ही रसोई उद्यान में सब्जियां व फल उगा रही हैं और केमिकल युक्त फल व सब्जियां खाने से भी बच रही हैं। इससे परिवार की सेहत भी बेहतर होती है और अनेक बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।
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12वीं तक पढ़ी लिखी लक्ष्मी देवी बताती हैं कि वे कई वर्षों से रसोई उद्यान कर रही हैं। हालांकि पहले उनकी कोई रुचि नहीं थी लेकिन जैसे ही वह कृषि विज्ञान केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक गृह विज्ञान एवं जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. ललिता के संपर्क में आईं तो वहां वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कविता सहित अन्य वैज्ञानिकों ने प्रोत्साहित किया और उन्हें प्राकृतिक खेती के गुर भी सिखाए।
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इसके बाद उन्होंने अपने खेत के ही एक कोने में यह प्रयोग किया और परिणाम देख आगे भी इसे जारी रखने का हौसला मिला। इसके बाद फल और सब्जियों के लिए बाजार जाना ही छूट गया और हर साल इस पर खर्च किए जाने वाले हजारों रुपये की बचत भी होने लगी। उन्होंने अपने आसपास से लेकर गांव की सैकड़ों महिलाओं को आईसीआर की इस मुहिम से जोड़ते हुए रसोई उद्यान की ओर प्रशिक्षित किया। आज गांव की अधिकतर महिलाएं अपनी रसोई उद्यान से उगाई सब्जियां व फल ही घरों में उपयोग में लाती हैं। यहां तक कि कई महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक रूप से तैयार की जाने वाली ये सब्जियां व फल बाजार में भी बेचने लगी हैं, जिनका उचित दाम भी मिल रहा है।
सात लोगों के परिवार की उठाई जिम्मेदारी
लक्ष्मी देवी बताती हैं कि रसोई उद्यान में उनके पति परवीन कुमार के अलावा परिवार के हर सदस्य का सहयोग रहता है। आज वे इसके जरिये परिवार के सात लोगों की जिम्मेदारी उठाए हुए हैं। वे अपनी रसोई उद्यान में विभिन्न प्रकार की सब्जियों के अलावा आम, अमरूद, नींबू सहित अनेक फलों का भी उत्पादन कर रही हैं।
हर मौसम के फल व सब्जियां रहते हैं तैयार : डॉ. ललिता
केवीके वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ललिता बताती हैं कि लक्ष्मी के अलावा गांव की अनेक महिलाएं रसोई उद्यान की ओर बढ़ी हैं। अनेक महिलाओं ने घरों की छतों पर भी यह उद्यान बनाया हुआ है। केंद्र की ओर से इसके लिए बीज भी वितरित किए जाते हैं और समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

कुरुक्षेत्र। अपने रसोई उद्यान में लगाई सब्जियां व मसाले दिखाते हुए। संवाद- फोटो : Archive