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Kurukshetra News: केयू में छात्र लगाएंगे 75 हजार पौधे, सबकी भागीदारी अनिवार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:28 AM IST
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KU students to plant 75,000 trees, everyone's participation mandatory
कुरुक्षेत्र। केयू का ड्रोन से लिया गया चित्र। संस्थान - फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और कॉलेजों में आगामी एक वर्ष के भीतर 75,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद में भी पारित किया जा चुका है। यह अभियान केवल प्रतीकात्मक पौधारोपण तक सीमित नहीं है बल्कि इसे छात्रों के शैक्षणिक उत्तरदायित्व और चरित्र निर्माण के साथ पूरी तरह एकीकृत कर दिया गया है।
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केयू में अब प्रत्येक नवागंतुक विद्यार्थी को इस हरित अभियान का सक्रिय हिस्सा बनना अनिवार्य होगा। इसके अंतर्गत, एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्र को एक पौधा, दो वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम के छात्र को दो पौधे और तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को तीन पौधे रोपने होंगे। इस पहल का सबसे अनूठा और तकनीकी पक्ष डिजिटल मॉनिटरिंग है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी ओर से लगाए गए पौधे की जियो-टैगिंग करनी होगी और समय-समय पर उसकी वृद्धि व देखभाल से संबंधित तस्वीरें विश्वविद्यालय के विशेष पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
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जियो-टैगिंग जैसी तकनीक का उपयोग इसलिए किया जा रहा है ताकि लगाए गए पौधों की शत-प्रतिशत उत्तरजीविता सुनिश्चित की जा सके और उन्हें एक विशाल वृक्ष के रूप में विकसित होने तक पूरी सुरक्षा मिल सके। यह अभिनव प्रयोग न केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परिसर को एक सघन हरित क्षेत्र में तब्दील करेगा बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार और गिरते भूजल स्तर के संरक्षण में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि 75,000 पौधों का यह संकल्प जब 75,000 जीवित वृक्षों में बदलेगा, तो यह विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा योगदान होगा। लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति-मित्र की भावना जागृत की जा रही है जिससे वे अपने जीवनकाल में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नागरिक बनकर उभरें और समाज को एक स्वच्छ व स्वस्थ भविष्य प्रदान करें। यह विस्तृत योजना न केवल हरियाणा बल्कि समूचे देश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में देखी जा रही है।
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