{"_id":"687569c7223a8f2f9602320d","slug":"ku-is-the-first-university-to-start-apprenticeship-degree-program-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-138815-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: अप्रेंटिसशिप डिग्री प्रोग्राम शुरू करने वाला कुवि पहला विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: अप्रेंटिसशिप डिग्री प्रोग्राम शुरू करने वाला कुवि पहला विश्वविद्यालय
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम का पोस्टर विमोचन करने के दौरान कुलपति सहित अ
कुरुक्षेत्र। प्रदेश में मानदेय अप्रेंटिसशिप डिग्री प्रोग्राम शुरू करने वाला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय है। रोजगार-उन्मुख शिक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों रोजगार के नवीन अवसर प्राप्त होंगे। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने सोमवार को कमेटी रूम में अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) का पोस्टर विमोचन करने के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के माध्यम से तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों के तहत छात्रों को अप्रेंटिस के माध्यम से रोजगार के अवसर मिलेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्रों के अंदर रोजगार एवं एंटरप्रेन्योरशिप की भावना का जागृत करना। इन कोर्स के माध्यम से जहां छात्रों को एक ओर शैक्षणिक कौशल प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर अप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र अपने कौशल के आधार पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाएंगे।
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशिका प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि चार स्नातक कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर रहा है। वाणिज्य विभाग के अंतर्गत बीकॉम (व्यावसायिक), पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के अंतर्गत बीएमएस (इवेंट मैनेजमेंट), कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग विभाग के अंतर्गत सीआईटीए रूसा के सहयोग से बीसीए (उद्योग से जुड़ा) और आईआईएचएस में जैव रसायन विभाग के अंतर्गत बीएससी (मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी-एमएलटी) शामिल हैं। ये तीन वर्षीय, अभ्यास-उन्मुख कार्यक्रम हैं, जिनमें तीसरा वर्ष संबंधित उद्योगों में मानदेय के साथ छात्र अप्रेंटिसशिप करेंगे। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. दिनेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के माध्यम से तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों के तहत छात्रों को अप्रेंटिस के माध्यम से रोजगार के अवसर मिलेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्रों के अंदर रोजगार एवं एंटरप्रेन्योरशिप की भावना का जागृत करना। इन कोर्स के माध्यम से जहां छात्रों को एक ओर शैक्षणिक कौशल प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर अप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र अपने कौशल के आधार पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाएंगे।
विज्ञापन
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशिका प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि चार स्नातक कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर रहा है। वाणिज्य विभाग के अंतर्गत बीकॉम (व्यावसायिक), पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के अंतर्गत बीएमएस (इवेंट मैनेजमेंट), कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग विभाग के अंतर्गत सीआईटीए रूसा के सहयोग से बीसीए (उद्योग से जुड़ा) और आईआईएचएस में जैव रसायन विभाग के अंतर्गत बीएससी (मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी-एमएलटी) शामिल हैं। ये तीन वर्षीय, अभ्यास-उन्मुख कार्यक्रम हैं, जिनमें तीसरा वर्ष संबंधित उद्योगों में मानदेय के साथ छात्र अप्रेंटिसशिप करेंगे। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. दिनेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन