{"_id":"6494b710401ad8de1908a267","slug":"know-the-system-of-water-drainage-in-the-fields-and-streets-kurukshetra-news-c-18-1-155806-2023-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: खेतों में और गलियों ने पानी निकासी की व्यवस्था जानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: खेतों में और गलियों ने पानी निकासी की व्यवस्था जानी
विज्ञापन
फोटो 34
जम्मू कश्मीर ये पहुंचा पंच-सरपंच व किसानों का प्रतिनिधिमंडल, जानी प्रदेश सरकार की योजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। गांव मलिक पुर में जम्मू कश्मीर के सरपंच व पंच का एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा, जिनका पंचायत द्वारा फूलमालाएं व तिलक लगा कर स्वागत किया गया ।
गांव मलिक पुर के सरपंच रविंद्र काजल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सरपंचों व पंचों को हमारी कार्य प्रणाली ने काफ़ी प्रभावित किया। उन्हें हरियाणा सरकार की विभिन्न स्कीमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन लोगों ने खेतों में पानी वितरण की प्रणाली का भी अवलोकन किया। गांव में गलियों व पानी निकासी की व्यवस्था को देखा ।
जम्मू कश्मीर के किसानों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में हरियाणा की बजाय खेती करना काफ़ी कठिन है । हरियाणा में समतल भूमि होने के कारण खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों का प्रयोग करना आसान है । पहाड़ी इलाक़ों में किसानों को काफ़ी परेशानी उठानी पड़ती है ।उन्होंने बताया कि ज्यादा उपरी स्थानों पर बर्फ़ ज्यादा पड़ती है, जिस कारण कई बार पशुओं के लिए चारे की समस्या भी हो जाती हैं । इस मौक़े पर परमजीत सिंह बडौला, सुखबीर सिंह, जसपाल सिंह, सुभाष चन्द्र,विकास कुमार,बलविंदर सिंह,सुरजीत सिंह,रिसाला राम सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे ।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर ये पहुंचा पंच-सरपंच व किसानों का प्रतिनिधिमंडल, जानी प्रदेश सरकार की योजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। गांव मलिक पुर में जम्मू कश्मीर के सरपंच व पंच का एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा, जिनका पंचायत द्वारा फूलमालाएं व तिलक लगा कर स्वागत किया गया ।
गांव मलिक पुर के सरपंच रविंद्र काजल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सरपंचों व पंचों को हमारी कार्य प्रणाली ने काफ़ी प्रभावित किया। उन्हें हरियाणा सरकार की विभिन्न स्कीमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन लोगों ने खेतों में पानी वितरण की प्रणाली का भी अवलोकन किया। गांव में गलियों व पानी निकासी की व्यवस्था को देखा ।
जम्मू कश्मीर के किसानों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में हरियाणा की बजाय खेती करना काफ़ी कठिन है । हरियाणा में समतल भूमि होने के कारण खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों का प्रयोग करना आसान है । पहाड़ी इलाक़ों में किसानों को काफ़ी परेशानी उठानी पड़ती है ।उन्होंने बताया कि ज्यादा उपरी स्थानों पर बर्फ़ ज्यादा पड़ती है, जिस कारण कई बार पशुओं के लिए चारे की समस्या भी हो जाती हैं । इस मौक़े पर परमजीत सिंह बडौला, सुखबीर सिंह, जसपाल सिंह, सुभाष चन्द्र,विकास कुमार,बलविंदर सिंह,सुरजीत सिंह,रिसाला राम सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे ।
विज्ञापन